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दिल्ली-NCR में बढ़ता प्रदूषण: बच्चों और बुजुर्गों को कैसे रखें सुरक्षित?
Mon, 26 Oct 2026 12:21 PM IST
श्रुति गौड़
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:21 PM IST
सार
How to Protect Kids and Elderly from Pollution: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रखना जरूरी है। आज के इस लेख में हम आपसे इसी बारे में बात करेंगे।
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बढ़ते प्रदूषण में बच्चों और बुजुर्गों के लिए क्या करें?
- फोटो : AI
How to Protect Kids and Elderly from Pollution: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए चिंता का विषय बन गया है। प्रदूषित हवा में मौजूद बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं, जिससे खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
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बढ़ते प्रदूषण में बच्चों और बुजुर्गों के लिए क्या करें?
- फोटो : AI
1. बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाएं
- सुबह और शाम बाहर निकलने से बचें: इन समयों में प्रदूषण अधिक हो सकता है, लेकिन इसका स्तर मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। बाहर जाने से पहले AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) जरूर जांचें।
- खुले में खेलने से रोकें: प्रदूषण का स्तर ज्यादा होने पर बच्चों को पार्क, सड़क या मैदान में खेलने के बजाय घर के अंदर गतिविधियां करने दें।
- बाहर की शारीरिक गतिविधियां कम करें: तेज दौड़ने, साइकिल चलाने और व्यायाम करने से सांस तेजी से चलती है, जिससे प्रदूषक कण शरीर में अधिक प्रवेश कर सकते हैं।
- स्कूल जाने वाले बच्चों का ध्यान रखें: स्कूल प्रशासन से पूछें कि खराब वायु गुणवत्ता के दौरान खेलकूद और सुबह की प्रार्थना जैसी बाहरी गतिविधियों को सीमित किया जा रहा है या नहीं।
बढ़ते प्रदूषण में बच्चों और बुजुर्गों के लिए क्या करें?
- फोटो : AI
2. बाहर निकलते समय सही मास्क पहनें
- N95 या अच्छी फिटिंग वाला प्रमाणित मास्क चुनें: यह हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बारीक प्रदूषण कणों से बचाव में मदद करता है।
- मास्क सही तरीके से पहनें: मास्क नाक और मुंह दोनों को ढके और चेहरे पर अच्छी तरह फिट हो। किनारों से हवा का रिसाव होने पर सुरक्षा कम हो जाती है।
- कपड़े या ढीले सर्जिकल मास्क पर निर्भर न रहें: ये बारीक प्रदूषण कणों से बचाव के लिए N95 जितने प्रभावी नहीं होते।
- बच्चों के लिए विशेष ध्यान दें: बच्चे के चेहरे पर सही फिट होने वाला मास्क चुनें। छोटे बच्चों को मास्क पहनाने के संबंध में उम्र और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
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बढ़ते प्रदूषण में बच्चों और बुजुर्गों के लिए क्या करें?
- फोटो : AI
3. घर के अंदर हवा को साफ रखने के उपाय करें
- एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें: यदि संभव हो तो HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर लगाएं। कमरे के आकार के अनुसार सही क्षमता वाला उपकरण चुनें और उसके फिल्टर को निर्देशों के अनुसार बदलें।
- खिड़की-दरवाजे सही समय पर बंद रखें: जब बाहर AQI खराब हो, तब खिड़कियां बंद रखें। हवा की गुणवत्ता बेहतर होने पर थोड़ी देर वेंटिलेशन किया जा सकता है।
- धूल और धुएं से बचें: घर में सिगरेट, अगरबत्ती, धूप, कपूर और लकड़ी या कोयले के धुएं से बचें। खाना बनाते समय एग्जॉस्ट या चिमनी का इस्तेमाल करें।
- गीले कपड़े से सफाई करें: सूखी झाड़ू लगाने से धूल हवा में उड़ सकती है। गीले कपड़े या पोछे से सफाई करना बेहतर है।
- इनडोर पौधों पर पूरी तरह निर्भर न रहें: तुलसी और मनी प्लांट जैसे पौधे घर की हवा में मौजूद प्रदूषण को व्यावहारिक स्तर पर हटाने का विश्वसनीय विकल्प नहीं हैं। इसके लिए फिल्ट्रेशन और धुएं के स्रोतों को कम करना ज्यादा उपयोगी है।
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बढ़ते प्रदूषण में बच्चों और बुजुर्गों के लिए क्या करें?
- फोटो : AI
4. खानपान और स्वास्थ्य का ध्यान रखें
- पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर नियमित रूप से पानी पिएं। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती, हालांकि पानी पीना प्रदूषण को शरीर से बाहर निकालने का विशेष उपचार नहीं है।
- विटामिन-C से भरपूर फल खाएं: संतरा, आंवला, अमरूद, नींबू और मौसमी जैसे फल संतुलित आहार का हिस्सा बनाएं। इनमें मौजूद पोषक तत्व सामान्य स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए उपयोगी हैं।
- संतुलित भोजन लें: हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, फल और प्रोटीन युक्त भोजन खाएं। जंक फूड कम करना अच्छा है, लेकिन इससे प्रदूषण के प्रभाव सीधे खत्म नहीं होते।
- भाप लेने में सावधानी बरतें: भाप लेने से प्रदूषण के कण फेफड़ों से साफ नहीं होते। गर्म पानी की भाप से जलने का खतरा रहता है, खासकर बच्चों में, इसलिए इसे प्रदूषण से बचाव का उपाय न मानें।
- दवाएं नियमित लें: अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारी वाले लोग डॉक्टर की सलाह से दी गई दवाएं और इनहेलर उपलब्ध रखें।