Medically reviewed by-
पिछले डेढ़ साल से दुनियाभर में जारी कोरोना की महामारी का अब भी कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। कोरोना वायरस में लगातार हो रहे म्यूटेशन इसे और भी संक्रामक और घातक बनाते जा रहे हैं, यही कारण है कि इस वक्त हर जगह संभावित तीसरी लहर को लेकर चर्चा हो रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोविड वैक्सीन सुरक्षा देने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं लेकिन वैक्सीन ले चुके लोगों को भी लगातार कोविड से सुरक्षा के नियमों का पालन करते रहना चाहिए। जब तक पूरी दुनिया से कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का ख्याल रखने के साथ हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
हाल ही में हुए कई अध्ययनों में कहा जा रहा है कि कोरोना के नए म्यूटेटेड वैरिएंट्स के संक्रमण से बचने के लिए अच्छे और कसे हुए मास्क पहनकर रखना चाहिए। भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान डबल मास्किंग लगाने की सलाह दी गई, वहीं कुछ डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से सुरक्षा देने में गुणवत्ता ग्रेड एन95 मास्क ज्यादा प्रभावशाली हो सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रखने के लिए कौन सा मास्क ज्यादा कारगर माना जा सकता है? एन95 मास्क या डबल मास्किंग?
कोरोना की तीसरी लहर: सुरक्षित रहने के लिए कौन सा मास्क है ज्यादा प्रभावी? एन95 या डबल मास्क?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना से बचाव के लिए डबल मास्किंग
डबल मास्किंग का मतलब, एक के ऊपर और एक मास्क लगाना। डॉक्टर कहते हैं कि अतिरिक्त परतों वाले मास्क का उपयोग करने से वायरस के शरीर में प्रवेश को अवरुद्ध करना और आसान हो जाता है। यह संक्रमण की संक्रामकता को कम करने में भी बेहतर काम कर सकता है। यह उन लोगों के लिए भी किफायती और सुरक्षात्मक हो सकता है जो केवल घर पर कपड़े से बने या सर्जिकल मास्क का उपयोग करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, डबल मास्किंग संक्रमण के जोखिम को कम करने में प्रभावी हो सकता है। इसके लिए एक सर्जिकल और एक कपड़े के मास्क, या दोनों कपड़े या दोनों सर्जिकल मास्क का प्रयोग किया जा सकता है।
एन95 की उपयोगिता
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही एन95 मास्क चर्चा में है। विशेषज्ञ इसे सार्स-सीओवी-2 के प्रचलन में आने से पहले ही सुपर प्रभावी मानते रहे हैं। यह मास्क प्रदूषण, वायरस और बैक्टीरिया को मुंह या नाक के मार्ग में प्रवेश करने से रोकने में काफी बेहतर साबित हो सकते हैं। हवा के कणों से सुरक्षा देने में इस तरह के मास्क को 95 फीसदी तक प्रभावी माना जाता है। कई अध्ययनों में यहां तक कहा जा रहा है कि अन्य सभी प्रकार के मास्क की तुलना में, एन95 मास्क सुरक्षा की उच्चतम गारंटी वाले माने जा सकते हैं। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले वाले लोगों के लिए एन95 मास्क के उपयोग की सिफारिश की जाती है।
कौन सा मास्क है ज्यादा कारगर
डॉक्टरों का कहना है कि एन95 मास्क और डबल मास्किंग दोनों ही संक्रमण के जोखिम से सुरक्षा देने में प्रभावी साबित हुए हैं। हालांकि, चिकित्सकीय रूप से कहा जाए तो एन95 मास्क का उपयोग ज्यादा सुरक्षित माना जा सकता है। अत्यंत जोखिम भरे स्थान जैसे अस्पताल और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाली जगहों पर एन95 मास्क ज्यादा असरदार माने जाते हैं। वहीं यदि आप ऑफिस में हैं या किसी बाजार और कम भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में हैं तो डबल मास्किंग का प्रयोग सुरक्षित है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ दोनों ही तरह के मास्क को समान रूप से प्रभावी मानते हैं, हालांकि यह इस बात पर ज्यादा निर्भर करता है कि आप बहुत अधिक जोखिम वाले स्थान पर हैं या सामान्य स्थान पर।
मास्क से जुड़ी यह जरूरी बात भी जान लें
डॉक्टर कहते हैं एन95 मास्क और डबल मास्किंग के चुनाव से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आप जिस भी मास्क का उपयोग कर रहे हों वह सही तरीके से पहना गया हो। एन95 मास्क हो या डबल मास्किंग, इनका चेहरे पर अच्छे से फिट होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। मास्क को और अधिक फैशनेबल बनाने के लिए किसी भी ढीले, छेद युक्त या अनावश्यक डिज़ाइन की जगह आरामदायक और अच्छी तरह से कसे हुए मास्क को प्रयोग में लाएं। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि इनके उपयोग के बीच में मास्क को अच्छी तरह से कीटाणुरहित और साफ करते रहें।
----------------
नोट: यह लेख उजाला सिग्नस के डायरेक्टर डॉ शुचिन बजाज से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।