हैदराबाद में पिछले एक महीने के दौरान तेजी से श्वसन रोगों के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एडेनोवायरस, इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाली इस रहस्यमयी संक्रमण ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक की रिपोर्ट में इसके ज्यादातर मामले केवल बच्चों या वयस्कों में देखे जा रहे हैं। तेजी से बढ़ते इस नए प्रकार के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को अलर्ट किया है।
Mystery Respiratory Virus: हैदराबाद में तेजी से बढ़ रहा है इस रोग का खतरा, बच्चे सबसे ज्यादा शिकार
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रहस्यमयी श्वसन संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह बीमारी रहस्यमयी इसलिए है क्योंकि इसके वायरस की पहचान फिलहाल नहीं का जा सकी है। हालांकि विशेषज्ञों को संदेह है कि यह एडेनो, कोरोना, इन्फ्लुएंजा या एमईआरएस फैमिली से ही संबंधित हो सकता है। इसकी सटीक प्रकृति निर्धारित करने के लिए, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन्फ्लुएंजा ए एंड बी, एच1एन1, एच3एन2 और कोविड आरटी-पीसीआर सहित परीक्षणों के मल्टीपलेक्स टेस्ट की सिफारिश कर रहे हैं। ज्यादातर संक्रमितों में कोरीज़ल लक्षण देखे जा रहे हैं जो इसकी चिंता को और भी बढ़ा रहे हैं।
बच्चों में संक्रमण के मामले
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 6-8 सप्ताह से कई हिस्सो में तेज बुखार और श्वसन संक्रमण से संबंधी बीमारी देखी जा रही है, इन रोगियों में कोरीज़ल लक्षण देखे हैं, जिसका मतलब है कि यह श्वसन विकारों से ही संबंधित है। फिलहाल देखा जा रहा है कि यह वायरस 100 में से 6-7 लोगों को प्रभावित कर रहा है और उनमें से 50% शिकार बच्चे हैं। संभवत: इसका एक कारण यह भी है कि बच्चों में संक्रमण को लेकर इम्युनिटी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है।
गंभीर भी हो सकते हैं इसके लक्षण
बच्चों के अलावा अन्य 50% मरीज सीओपीडी, पोस्ट टीबी और कोविड में फेफड़ों की समस्या के शिकार रहे लोग हैं। विशेषज्ञ ने कहा कि ज्यादातर लोग वैसे तो आसानी से ठीक हो जा रहे हैं, हालांकि इसके कारण कुछ रोगियों में रेस्पेरेटरी फेलियर जैसी समस्या भी देखी जा रही है, जो गंभीर समस्या का कारण हो सकता है। ऐसे लोगों में कुछ खास प्रकार की एंटी-वायरल दवाओं के सेवन से लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इस रोग से बचाव के लिए उपाय करते रहना चाहिए, मास्क पहनना और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना इसमें आपके लिए लाभकारी हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।