डिजिटल होते जमाने में हम सभी कई तरह के डिजिटल उपकरणों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में औसतन हर लोग रोजाना 2 घंटे से ज्यादा समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। लैपटॉप या फोन के स्क्रीन पर ज्यादा समय तक देखने के कारण आंखों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इस वजह से लोगों की नजरें कमजोर तो होती ही हैं इसके अलावा भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से जन्म लेनी वाली समस्याओं को डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है। आज हम आपको डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण और रोकथाम के बारे में विस्तार से बताएंगे।
लैपटॉप और मोबाइल के इस्तेमाल से हो सकते हैं डिजिटल आई स्ट्रेन के शिकार, जानिए इससे बचाव और उपचार के बारे में
डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण
- नजर में धुंधलापन
- आंखों में सूजन
- रंगत में लालिमा
- आंखों में खुजली
- गर्दन और कंधों में दर्द
डिजिटल आई स्ट्रेन से बचाव और उपचार
डिडिटल गैजेट्स से नीली रंग की रोशनी निकलती है, जो आंखों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में अंधेरे कमरे में इन गैजेट्स का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हालांकि आज के समय में बाजार में कुछ ऐसे चश्मे मिल रहे हैं, जो इन गैजेट्स की रोशनी की तीव्रता को रोकने में मददगार हैं। इसलिए लैपटॉप या मोबाइल के इस्तेमाल के दौरान इन चश्मों को जरूर पहनें। इसके अलावा हमेशा आंखों और स्क्रीन के बीच कम से कम एक फीट की दूरी जरूर रखें। आप जहां भी इन उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहां पर लाइट यानी पर्याप्त मात्रा में प्रकाश होना चाहिए ताकि आंखों को कोई नुकसान न हो।
तेज चकाचौंध वाली रोशनी में काम करना आंखों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। कंप्यूटर पर काम करते समय आप छोटे टेबल लैंप का उपयोग कर सकते हैं। ऐसा करने से मॉनिटर की चमक कम हो जाती है। इसके अलावा आप अपने लैपटॉप स्क्रीन पर स्क्रीन गार्ड भी लगवा सकते हैं।
कभी भी सोने जाने से पहले हर तरह के डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल आधे घंटे पहले ही बंद कर दें। इतना ही नहीं अपने स्मार्टफोन को भी बेड से दूर रखें। इसके साथ ही साल में एक बार आई चेकअप जरूर करवाएं।