लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, ऊर्जा जमा करने के साथ शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए दिन-रात काम करता रहता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों के खान-पान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी बढ़ती जा रहा है, इसने लिवर की सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि भारत में बड़ी संख्या में युवाओं में फैटी लिवर की समस्या का निदान किया जा रहा है।
सेहत की बात: लिवर में फैट तो नहीं जमा हो रहा? कैसे लगाएं इसका पता
Fatty Liver Disease: फैटी लिवर ऐसी समस्या है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है। शुरुआती दौर में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। मोटापा, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल इसका खतरा बढ़ाते हैं। सही खानपान, नियमित व्यायाम से लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, चूंकि फैटी लिवर की समस्या में शुरुआत में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं, इसलिए ज्यादातर लोगों को इस बीमारी का पता तब चल पाता है, जब वे किसी दूसरी परेशानी के लिए खून की जांच या अल्ट्रासाउंड करवाते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसी स्थितियां इस बीमारी का खतरा बढ़ाती जा रही हैं।
क्या कोई संकेत ऐसे हैं, जिनसे फैटी लिवर की समस्या का पता लगाया जा सके?
फैटी लिवर के क्या लक्षण हो सकते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर शुरुआती अवस्था में फैटी लिवर के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं नजर आते। हालांकि, कुछ लोगों को लिवर की समस्याओं के कारण लगातार थकान, कमजोरी या पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है।
- वैसे तो ये लक्षण पेट की दूसरी समस्याओं में भी देखे जाते हैं इसलिए अकेले इन लक्षणों से फैटी लिवर की पुष्टि नहीं होती।
- फैटी लिवर की बीमारी या लिवर में दिक्कतें बढ़ने पर पीलिया, पेट या पैरों में सूजन या पाचन की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
- अगर आपको कुछ समय से इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो समय रहते जांच जरूर करा लें।
फैटी लिवर का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, वजन, डायबिटीज और दूसरी जोखिमों का आकलन करते हैं।
- लिवर फंक्शन टेस्ट की मदद से खून में एएलटी और एएसटी जैसे एंजाइम की जांच की जाती है। इनका बढ़ा होना लिवर में परेशानी का संकेत हो सकता है।
- लिवर में फैट जमा होने का पता लगाने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने की भी सलाह दे सकते हैं, जिससे स्थिति का सही तरीके से आकलन हो सके।
अब जानिए फैटी लिवर से बचने के लिए क्या करें?
फैटी लिवर के खतरे को कम करने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार को डॉक्टर सबसे जरूरी मानते हैं।
- अगर आपका वजन अधिक है, तो इसे कम करने से फायदा हो सकता है।
- मीठी और,तली हुई चीजों के अलावा प्रोसेस्ड फूड्स कम से कम खाएं, ये लिवर के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
- भोजन में हरी सब्जियां-फल, साबुत अनाज और उचित मात्रा में प्रोटीन वाली चीजों को शामिल करें।
- नियमित शारीरिक गतिविधि आपके वजन, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है। जिससे लिवर में फैट जमा होने का खतरा कम हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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