आम धारणा है कि अच्छी सेहत के लिए हमें ज्यादा प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिए। इसके लिए बाजार में आज हमारे पास कई तरह के रेडीमेड पैक्ड फूड उपलब्ध भी हैं। लेकिन, क्या हमने कभी ये जानने की कोशिश है कि हमारे शरीर को असल में कितने प्रोटीन की जरूरत है?
क्या ज्यादा प्रोटीन के सेवन से वाकई सेहत बनती है, तंदुरुस्त रहने के लिए कितना जरूरी?
ऐसा इसलिए क्योंकि हमें लगता है कि स्वस्थ रहने के लिए अधिक प्रोटीन जरूरी है। लेकिन जानकार इसे गैर-जरूरी और पैसे की बर्बादी करार देते हैं। उनका मानना है कि शरीर में प्रोटीन की जरूरत कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिकाएं बनाने के लिए होती है।
प्रोटीन वाले खाने जैसे अंडा, मछली, डेयरी प्रोडक्ट, फलियां पेट में जाने के बाद अमीनो एसिड पैदा करती हैं, जिसे पेट की छोटी आंत चूस लेती है। फिर लिवर उन अमीनो एसिड में से शरीर के लिए जरूरी अमीनो एसिड को पहचान कर अलग कर लेता है और बाकी पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।
जो लोग ज्यादा मेहनत का काम नहीं करते हैं, उन्हें अपने वजन के प्रति किलोग्राम के हिसाब से हर रोज 0.75 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। एक पुरुष को कम से कम 55 ग्राम और महिला को 45 ग्राम प्रोटीन रोज खाना चाहिए। प्रोटीन की कमी के चलते त्वचा फटी-फटी-सी हो सकती है। बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं। वजन कम हो सकता है।
आजकल लोगों को खास तौर से युवकों को बॉडी बिल्डिंग का बहुत शौक है। उनके लिए ज्यादा मात्रा में प्रोटीन खाना आवश्यक है, क्योंकि प्रोटीन मांसपेशियां बनाने का काम करता है। जो लोग ज्यादा मेहनतवाली एक्सरसाइज करते हैं उन्हें तो वर्कआउट के तुरंत बाद ही प्रोटीन लेना जरूरी है। इसीलिए जिम करने वाले लोगों को प्रोटीन के सप्लीमेंट जैसे प्रोटीन शेक, उबले हुए अंडे या पनीर खाने को कहा जाता है।
लेकिन, 2014 में आई एक रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि शुरुआत के कुछ हफ्तों में मांसपेशियां मजबूत बनाने में प्रोटीन सप्लीमेंट का कोई रोल नहीं होता। जब ट्रेनिंग सख्त होने लगती है तब ये सप्लीमेंट अपना काम करते हैं। हालांकि रिसर्च में ये दावा भी पूरी तरह सही साबित नहीं हुआ है। प्रोटीन का उचित लाभ लेने के लिए कार्बोहाइड्रेट का लेना भी जरूरी है।
यूनिवर्सिटी ऑफ स्टरलिंग में स्पोर्ट के प्रोफेसर केविन टिपटोन कहते हैं कि खिलाड़ियों और नियम से जिम करनेवालों के लिए प्रोटीन लेना जरूरी है लेकिन इसके लिए सप्लीमेंट की जरूरत नहीं। घर में बनने वाले खाने से भी इसकी भरपाई की जा सकती है।
हालांकि इसके कुछ अपवाद भी हैं। जैसे कुछ खेल ऐसे हैं, जिनमें खिलाड़ी को फिट रहने के लिए ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर की आवश्यकता है। इसे घर के खाने से पूरा नहीं किया जा सकता और ऐसे में सप्लीमेंट जरूरी हो जाते है।
आम लोगों में ज्यादा प्रोटीन की जरूरत बुजुर्गों को होती है। क्योंकि उन्हें अपनी मांसपेशियां मजबूत रखनी हैं। लेकिन अक्सर बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों का स्वाद बदलने लगता है। वो मीठा ज्यादा खाने लगते हैं। जानकारों के मुताबिक बुजुर्गों को शरीर के वजन के अनुसार 1।2 ग्राम प्रति किलो प्रोटीन लेना चाहिए। लेकिन कुछ आहार विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा प्रोटीन गुर्दों और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रोटीन सप्लीमेंट खाने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन दिक्कत ये है कि इनमें फोडमेप्स नाम के कार्बोहाईड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से गैस, पेट में दर्द और अपच की परेशानी पैदा हो सकती है। साथ ही इनमें चीनी मिली होती है जो किसी भी लिहाज से सेहत के लिए उचित नहीं है। लिहाजा अगर कोई भी प्रोटीन सप्लीमेंट लें तो उस पर लिखी जानकारी ध्यान से जरूर पढ़ लें।
माना जाता है कि प्रोटीन, शरीर का वजन कम करने में मददगार होता है। प्रोटीन खाने के बाद पेट भरा रहता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। जिसके चलते बेवजह की कैलरी शरीर में नहीं पहुंचतीं।
जानकार कहते हैं कि अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो हाई-प्रोटीन वाला नाश्ता करना चाहिए। वहीं कुछ जानकार ये भी कहते हैं कि खाने से कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह हटा देने से हमारी आंतों की सेहत बिगड़ जाती है। और पूरे शरीर की सेहत ठीक रखने के लिए आंत को दुरुस्त रखना बहुत ज्यादा जरूरी है।