डॉ विकासेंदु अग्रवाल
स्टेट सर्विलांस ऑफिसर, उत्तर प्रदेश
देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ लोगों में कोरोना के गंभीर जबकि कुछ लोगो में हल्के स्तर के लक्षण देखे जा रहे हैं। चूंकि चारों तरफ इतनी हाहाकार है इसलिए संक्रमण की पुष्टि होते ही लोग अस्पतालों में भर्ती होने के जद्दोजहद में लग जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है। जिन लोगों का ऑक्सीजन लेवल 94 से कम हो जाए या उनको कोई गंभीर दिक्कतों का अनुभव हो रहा हो सिर्फ ऐसे रोगियों को ही अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना के हल्के लक्षण या फिर बिना लक्षण वाले रोगी घर पर ही रहकर इस बीमारी को ठीक कर सकते हैं। इसके लिए आपको होम आइसोलेशन में रहकर कुछ नियमों का पालन करते रहना चाहिए। आइए विशेषज्ञों से होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल के बारे में जानते हैं।
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होम आइसोलेशन में सावधानी बहुत जरूरी
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होम आइसोलेशन में किन बातों का रखना होता है ध्यान?
होम आइसोलेशन के नियमों के बारे में जानने के लिए अमर उजाला ने उत्तर प्रदेश के स्टेट सर्विलांस ऑफिसर और विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ काम कर चुके डॉ विकासेंदु अग्रवाल से बातचीत की। उन्होंने बताया कि हल्के लक्षण वाले रोगियों को होम आइसोलेशन में रहकर भी स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि रोगी का कमरा और उसका शौचालय अलग होना चाहिए।
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कोरोना के सुरक्षात्मक नियमों का पालन करते रहें
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होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल के बारे बारे में डॉ अग्रवाल बताते हैं कि सरकार ने इसको लेकर विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हुई है। इसमें कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगी को परिवार के सदस्यों से भी नहीं मिलना चाहिए। नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करने के साथ मरीजों को दिन में कई बार हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोते रहने की सलाह दी जाती है।
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कोरोना के रोगियों के लिए स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल जारी किया गया है
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कौन सी दवाइयां ले सकते हैं?
कोरोना के सभी मरीजों के लिए सरकार ने 'स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल' जारी किया है। इसके अलावा सभी जनपदों में व्यवस्था की गई है कि कोविड संक्रमित रोगियों के घरों तक यह दवाइयां पहुंचाई जाएं। आप स्वत: भी यह दवाइयां ले सकते हैं। रोगी को यदि तेज बुखार है तो पैरासीटामॉल 650 मिलीग्रा. की खुराक दिन में तीन बार ली जा सकती है। इसके अलावा टॉक्सीसाइक्लिन 100 ग्रा की टेबलेट का सेवन सुबह-शाम करना होता है।
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विटामिन सी और जिंक का सेवन जरूरी
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इन दवाइयों के अलावा रोगी को विटामिन बी कॉम्पलेक्स, जिंक और विटामिन सी की खुराक लेने की सलाह दी जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रोगियों को भेजी जाने वाली दवाइयों की किट में यह सभी उपलब्ध होती हैं।