फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Health Alert: हाई कोलेस्ट्रॉल-हृदय रोगों का खतरा बढ़ा देती है ये बीमारी, 70% से ज्यादा मरीज अनजान

Mon, 15 Sep 2025 10:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 15 Sep 2025 10:08 PM IST
सार

  • फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया के कारण खून में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन बुरा कोलेस्ट्रॉल असामान्य रूप से बढ़ जाता है और मरीज को हृदय रोग व स्ट्रोक का गंभीर खतरा रहता है।
  • चौंकाने वाली बात यह है कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को इस बीमारी के होने का पता ही नहीं चल पाता। 

विज्ञापन
Familial hypercholesterolemia causes high levels of bad cholesterol know its risk and health effects
कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock

दुनियाभर में लाखों लोग हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को इस बीमारी के होने का पता ही नहीं चल पाता। नेशनल जियोग्राफिक में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति विशेष रूप से उस बीमारी में देखने को मिलती है जिसे फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (एफएच) कहा जाता है। यह एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें खून में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल या बुरा कोलेस्ट्रॉल) असामान्य रूप से बढ़ जाता है और मरीज को हृदय रोग व स्ट्रोक का गंभीर खतरा रहता है।



फैमिलियल हाइपर कोलेस्ट्रोलेमिया का निदान रक्त परीक्षण और जेनेटिक टेस्टिंग से किया जा सकता है। इसका उपचार मुख्यरूप से जीवनशैली में बदलाव और दवाइयों के संयोजन से किया जाता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान तथा शराब से परहेज और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई कोलेस्ट्रॉल-नियंत्रक दवाओं का सेवन करने से जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आइए इस समस्या के बारे में जानते हैं।

Familial hypercholesterolemia causes high levels of bad cholesterol know its risk and health effects
हृदय रोग-हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : adobe stock photos

हृदय रोगियों की संख्या बढ़ने का प्रमुख कारण

इंडियन हार्ट जर्नल और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में हृदय रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसका एक बड़ा कारण अनडायग्नोस्ड हाई कोलेस्ट्रॉल है। अनुमान है कि भारत में भी हर 250 में से एक व्यक्ति एफएच से प्रभावित हो सकता है।

जिनके परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक या स्ट्रोक के केस रहे हैं। जिनका एलडीएल स्तर लगातार 190 या उससे ऊपर रहता है। जिनमें 30-40 की उम्र में ही दिल के रोग के लक्षण दिखने लगते हैं।

Familial hypercholesterolemia causes high levels of bad cholesterol know its risk and health effects
हाई कोलेस्ट्रॉल और इसका खतरा - फोटो : Adobe Stock

माता-पिता को रही है बीमारी तो आपको भी खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी माता-पिता से संतान में जीन के माध्यम से स्थानांतरित होती है। इसका मतलब यह है कि यदि माता या पिता में से किसी एक को एफएच है तो बच्चे में इसके होने की संभावना लगभग 50 प्रतिशत रहती है। इस विकार के चलते धमनियों में कोलेस्ट्रॉल तेजी से जमता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। 

इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। अक्सर लोग तब तक अनजान रहते हैं जब तक कि उन्हें अचानक दिल का दौरा नहीं पड़ जाता या फिर नियमित मेडिकल जांच में इसका पता नहीं चलता। यही कारण है कि चिकित्सक नियमित रक्त परीक्षण को जरूरी बताते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Familial hypercholesterolemia causes high levels of bad cholesterol know its risk and health effects
हृदय स्वास्थ्य की बढ़ती समस्याएं - फोटो : adobe stock

कितने लोगों को इसका खतरा

रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुमानतः हर 250 में से एक व्यक्ति इस बीमारी से प्रभावित होता है। लेकिन चूंकि अधिकांश लोग डायग्नोसिस से वंचित रहते हैं, इसलिए वैश्विक स्तर पर इसका बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि समय रहते जांच और इलाज नहीं मिलने पर यह स्थिति भविष्य में हृदय रोगों की महामारी का रूप ले सकती है।



----------------------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed