डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों में से एक है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में ये समस्या देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में नहीं रहता तो इसका असर आंखों, किडनी, मेटाबॉलिज्म और तंत्रिकाओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त फाइबर और नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है।
Diabetes Diet: क्या इसबगोल खाने से शुगर लेवल रहता है कंट्रोल? डायबिटीज वालों को जरूर जाननी चाहिए ये बात
डायबिटीज के अलावा इसबगोल कब्ज से राहत, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण, आंतों की सेहत और वजन प्रबंधन में भी उपयोगी माना जाता है। लेकिन इसके सेवन का सही तरीका, पर्याप्त पानी पीना और कुछ विशेष स्थितियों में सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है।
इसबगोल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद
इसबगोल प्लान्टागो ओवेटा नाम के पौधे के बीजों की भूसी होती है। ये घुलनशील फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। पानी के संपर्क में आने पर यह जेल जैसी परत बना लेता है। यही गुण इसे पाचन तंत्र के लिए उपयोगी बनाता है।
- कई अध्ययनों में पाया गया है कि भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में घुलनशील फाइबर लेने से भोजन से निकलने वाली ग्लूकोज की गति धीमी हो सकती है।
- इससे भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाला ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, डॉक्टर कहते हैं, इसबगोल डायबिटीज का इलाज नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर द्वारा बताए गए दवाओं के साथ इसबगोल का सेवन किया जाए तो इससे शुगर कंट्रोल में लाभ पा सकते हैं।
इसबगोल से कंट्रोल होता है शुगर लेवल?
अध्ययनों में पाया गया है कि भोजन के साथ घुलनशील फाइबर लेने से ब्लड शुगर बढ़ने के खतरे को कम किया जा सकता है।
- इसबगोल पानी के साथ मिलकर गाढ़ा जेल बनाता है। यह जेल पेट से भोजन के आगे बढ़ने और कार्बोहाइड्रेट के पाचन व ग्लूकोज के अवशोषण की गति को धीमा कर देता है।
- इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर अचानक तेजी से नहीं बढ़ता।
- इसके साथ ही फाइबर इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज के मरीजों को अपने डॉक्टर की सलाह पर ही इसबगोल लेना चाहिए।
इसबगोल के और भी कई फायदे
इसबगोल का सबसे बेहतर उपयोग कब्ज से राहत दिलाना है। यह मल में पानी बनाए रखता है, जिससे मल मुलायम होता है और कब्ज की दिक्कत कम होती है।
- इसबगोल मल त्याग को नियमित रखने के साथ-साथ आंतों के माइक्रोबायोम के लिए भी लाभकारी हो सकता है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि घुलनशील फाइबर वाली चीजें बैडे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद कर सकती हैं।
- इसबगोल पेट में फैलकर लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है और वजन कंट्रोल किया जा सकता है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।