देश में कोरोना महामारी का कहर जारी है। पिछले तीन दिन से संक्रमण के मामले भले ही कम आ रहे हैं, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ गया है। बीते 24 घंटे में 4,200 से अधिक लोग संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसा देखने में आ रहा है कि इस बार अधिक मौतें ऑक्सीजन की कमी की वजह से हो रही हैं। इसलिए विशेषज्ञ कोरोना मरीजों को लगातार यह सलाह दे रहे हैं कि वे समय-समय पर अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। हालांकि बहुत सारे मरीज ऐसे भी हैं, जिन्हें ऑक्सीजन सेचुरेशन नापने का सही तरीका नहीं पता। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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कोरोना वायरस: क्या है ऑक्सीजन सेचुरेशन नापने का सही तरीका? विशेषज्ञ से जानें
Wed, 12 May 2021 11:31 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 12 May 2021 11:31 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद किन बातों का ध्यान रखें?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'अगर कोई भी लक्षण दिखे तो सबसे पहले खुद को आइसोलेट कर लें। आइसोलेट से तात्पर्य केवल ये नहीं है कि घर के बाहर न जाएं बल्कि परिवार के साथ ही उठें-बैठें नहीं। खुद को एक कमरे में सामान लेकर शिफ्ट कर लें। खाना आदि डिस्पोजल वाले बर्तन में खाएं और बाथरूम भी अलग रखें। लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है या कहीं हॉस्टल, पीजी या दोस्तों के साथ कई लोग साथ रह रहे हैं तो बेहतर होगा सरकार के द्वारा बनाए गए कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट हो जाएं। उससे कम से कम दोस्त और परिवार के लोग संक्रमित नहीं होंगे।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्या है, ये कैसे काम करते हैं?
- डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'अगर किसी को ऑक्सीजन सिलेंडर के बारे में जानकारी नहीं है तो घर पर सिलेंडर न लाएं, इसकी जगह कंसंट्रेटर का प्रयोग करें। कंसंट्रेटर एक डिब्बे की तरह होता है, जो बैटरी और बिजली से चल सकता है। इसमें एक मोटर होता है जो कमरे की हवा खींच कर उसमें से नाइट्रोजन को खुद एब्जॉर्ब कर ऑक्सीजन मरीज तक पहुंचा देते हैं। कंसंट्रेटर से 85 से 95 प्रतिशत तक ऑक्सीजन मिल जाती है। इसे रिफिल कराने की जरूरत नहीं होती है। सिलेंडर वाले ऑक्सीजन को भराना पड़ता है और इससे मरीज को 100 प्रतिशत तक ऑक्सीजन मिलती है। लेकिन अगर घर में रख रहे हैं तो अगरबत्ती आदि बिल्कुल न रखें।'
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ऑक्सीजन सेचुरेशन नापने का सही तरीका क्या है?
- डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'अक्सर लोग ऑक्सीमीटर घबराहट में और जल्दी-जल्दी लगाकर चेक करते हैं और परेशान हो जाते हैं। इसे चेक करने के तरीके को पहले जान लें, आजकल यूट्यूब आदि पर भी आसानी से मिल जाएंगे या कई डॉक्टर खुद ही बताते हैं। सबसे पहले आराम से बैठ जाएं, हाथ सैनिटाइज कर लें। बांह को सीधा रखें और उंगली मुड़ी न हो। अपनी कोई एक उंगली पल्स ऑक्सीमीटर में कम से कम 30 सेकेंड तक लगाकर रखें। अगर 94 से कम हो रहा है तो तुरंत घर पर प्रोनिंग पोजिशन में लेट जाएं और तब तक अस्पताल आदि में व्यवस्था कर लें।'