कोरोना के दैनिक मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। बीते 24 घंटे में 45 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि उससे पहले सोमवार को 37 हजार से अधिक नए मामले देखने को मिले थे। इस बीच कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस से भी संक्रमण के मामले देखने को मिल रहे हैं। अब तक इसके करीब 50 मामले सामने आए हैं, ऐसे में लोगों में काफी भ्रम और भय आ गया है। इस बीच लोगों का यह भी कहना है कि इस वैरिएंट की वजह से कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। हालांकि सरकार ने अभी इसपर कुछ भी साफ नहीं किया है, लेकिन इतना तो जरूर कहा है कि कोरोना के किसी भी वैरिएंट से बचने के लिए सावधानी जरूरी है। इसके अलावा बात अगर टीकाकरण की करें तो देश में अब तक 33.2 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से संबंधित कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ से जानें: खतरनाक है कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट, इससे बचने के क्या कुछ उपाय हैं?
Wed, 30 Jun 2021 02:18 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 30 Jun 2021 02:18 PM IST
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कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस
- फोटो : iStock
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर लोगों में काफी भ्रम और भय आ गया है, क्या कहेंगे?
- दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. राजेश मलहोत्रा कहते हैं, 'कोरोना वायरस समय-समय पर म्यूटेट कर रहा है। हर महीने वायरस में करीब दो म्यूटेशन हो रहे हैं। शुरू में जो डेल्टा वायरस आया था, अब उसने अपने में बदलाव कर लिया है, जिसे हम डेल्टा प्लस वैरिएंट कह रहे हैं। वायरस अक्सर तब म्यूटेट होता है, जब वह किसी शरीर में जाता है और वहां उसे इम्यूनाइजेशन मिलता है। ऐसे में वह खुद को बचाने के लिए अपने स्वरूप में परिवर्तन करता है। हमने दूसरी लहर में डेल्टा वायरस का हवा में फैलना और तेजी से संक्रमण देखा। अब डेल्टा प्लस का उससे थोड़ा ज्यादा ट्रांजिशन होता है। ये बहुत जल्दी लोगों के अन्य अंगों को प्रभावित करता है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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डेल्टा प्लस से बचने के लिए क्या कुछ और भी उपाय है?
- डॉ. राजेश मलहोत्रा कहते हैं, 'कोरोना वायरस खुद कितना भी म्यूटेट हो जाए, इससे बचने का तरीका वही पुराना है। मास्क लगाना, हाथ साफ करना और सुरक्षित दूरी रखना। हां, डेल्टा प्लस में थोड़ा और सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इसके संक्रमण करने की रफ्तार बहुत तेज है। अक्सर लोग ऑफिस में या बाहर खाते-पीते वक्त मास्क हटा देते हैं, ऐसे में डेल्टा प्लस वैरिएंट अगर किसी के आसपास होगा या वायरस एयरबॉर्न है तो बहुत तेज संक्रमण हो सकता है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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अभी भी कई लोगों में वैक्सीन को लेकर डर है, उन्हें क्या कहेंगे?
- डॉ. राजेश मलहोत्रा कहते हैं, 'वैक्सीन न लगवाना एक गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। वैक्सीन केवल खुद के लिए नहीं लगवानी है, बल्कि यह अपने परिवार, बच्चे और समाज के प्रति जिम्मेदारी है। कई बुजुर्ग या लोग सोचते हैं कि हमें कोरोना हो जाएगा तो क्या होगा, ऐसा आप खुद के लिए भले ही सोच रहे हों, लेकिन हो सकता है आपके बच्चे आपकी वजह से संक्रमित हो जाएं। इसमें कोई विकल्प नहीं है, इसे आपको लगवाना ही है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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बोन सर्जरी या हड्डियों से जुड़े मरीज क्या इस वक्त इलाज करा सकते हैं?
- डॉ. राजेश मलहोत्रा कहते हैं, 'अभी कोरोना गया नहीं है, लेकिन अब हमें इसके साथ ही रहना है। इसलिए कोविड के साथ ही अन्य बीमारियों के लोगों को भी इलाज के लिए निकलना होगा। ध्यान इस बात का रखना है कि सबसे पहले वैक्सीन लगवा लें। बाहर, फिर चाहे अस्पताल हो या बाजार जा रहे हों, मास्क, सैनिटाइजर जरूर रखें। इसके अलावा अगर किसी मरीज को अस्पताल में इलाज कराना है तो पहले कोविड टेस्ट कराते हैं, तब ही एडमिट करते हैं। इसके लिए उन्हें तैयार रहना है। अगर संभव हो और अस्पताल जाने की ज्यादा जरूरत न हो तो टेली कंसल्टेशन से संपर्क करें।'