डॉ विनी कंतरू
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने तबाही मचाई हुई है। पिछले एक हफ्ते से रोजाना आने वाले मामलों में सुधार तो हुआ है लेकिन मौत के मामले अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञ, हृदय रोगियों को इस वक्त काफी सतर्क रहने की सलाह देते हैं। माना जा रहा है कि वायरस म्यूटेशन के बाद फेफड़ों, हृदय और अन्य अंगों को गंभीर क्षति पहुंचा रहा है। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी कई लोगों में हृदय और फेफड़ों से संबंधी गंभीर दिक्कतें बनी रह जाती हैं। कई लोगों को चलने, उठने और सामान्य दैनिक कार्यों को करने में भी विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि कोविड रिकवरी के बाद छाती में होने वाली तमाम दिक्कतों को चेस्ट फिजियोथेरपी के माध्यम से कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि यह थेरपी किस तरह से फायदेमंद हो सकती है?
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सलाह: कोविड के कारण छाती में हो रही दिक्कतों से ऐसे पाएं छुटकारा, यह तरीका है अत्यंत कारगर
Sun, 23 May 2021 06:22 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sun, 23 May 2021 06:22 PM IST
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कोविड के कारण छाती में समस्याएं
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वायरस फेफड़ों पर कर रहा है असर
- फोटो : social media
कोविड रोगियों को क्यों हो रही है छाती और हृदय की समस्याएं
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में वायरस फेफड़ों पर ज्यादा असर कर रहा है। जिसके चलते इस बार लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना अधिक करना पड़ रहा है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर इसका प्रभाव हृदय पर पड़ने लगता है। इस स्थिति में हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने में अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण मांसपेशियों में सूजन की समस्या आ जाती है।
हृदय रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में वायरस फेफड़ों पर ज्यादा असर कर रहा है। जिसके चलते इस बार लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना अधिक करना पड़ रहा है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने पर इसका प्रभाव हृदय पर पड़ने लगता है। इस स्थिति में हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने में अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण मांसपेशियों में सूजन की समस्या आ जाती है।
चेस्ट फिजियोथेरपी से मिल सकते हैं लाभ
- फोटो : getty images
कोरोना में कितनी कामयाब है चेस्ट फिजियोथेरपी
इंद्रप्रस्थ अपोलो दिल्ली में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ विनी कंतरू बताती हैं कि चेस्ट फिजियोथेरपी, कोविड-19 के रोगियों में काफी फायदेमंद हो सकती है। छाती के अंदर बलगम फंसने और सूखापन आ जाने के कारण सांस लेने में होने वाली दिक्कतों को ठीक करने में यह थेरपी कारगर साबित हो सकती है। इसके लिए विशेषज्ञ फिजियोथेरपिस्ट आपको फेफड़ों के अभ्यास के सही तरीकों के बारे में बताते हैं, जिससे रोगी को तेजी से लाभ मिल सकता है।
इंद्रप्रस्थ अपोलो दिल्ली में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ विनी कंतरू बताती हैं कि चेस्ट फिजियोथेरपी, कोविड-19 के रोगियों में काफी फायदेमंद हो सकती है। छाती के अंदर बलगम फंसने और सूखापन आ जाने के कारण सांस लेने में होने वाली दिक्कतों को ठीक करने में यह थेरपी कारगर साबित हो सकती है। इसके लिए विशेषज्ञ फिजियोथेरपिस्ट आपको फेफड़ों के अभ्यास के सही तरीकों के बारे में बताते हैं, जिससे रोगी को तेजी से लाभ मिल सकता है।
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फेफड़ों में जमे बलगम को निकालने में सहायक है थेरपी
- फोटो : Pixabay
किन लोगों को है चेस्ट फिजियोथेरपी की जरूरत
कई बार आईसीयू में भर्ती रोगी सही तरीके से सहयोग नहीं कर पाते हैं, ऐसे में भी चेस्ट फिजियोथेरपी के माध्यम से उनके फेफड़ों में जमे बलगम को निकालने और रोगी के लिए सांस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने में इस थेरपी से मदद मिल सकती है। लंबी सांस लेने वाले व्यायामों के सही तरीकों को सिखाने में भी फिजियोथेरपिस्ट आपकी मदद कर सकते हैं।
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कई तरह से फायदेमंद है फिजियोथेरपी
- फोटो : pixabay
मूवमेंट को ठीक करने में सहायक
डॉ विनी बताती हैं कि कोरोना कई तरह की अन्य गंभीर बीमारी वाले लोगों के लिए भी जटिलताएं पैदा कर रहा है। कई रोगियों की हालत इतनी बिगड़ जाती है कि उनसे सामान्य तरीके से मूवमेंट भी नहीं हो पाता है, ऐसे रोगियों को भी फिजियोथेरपी से काफी लाभ मिल सकता है। रोगियों को ठीक होने में दवा के साथ उनकी मूवमेंट भी बहुत आवश्यक होती है।
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नोट: यह लेख इंद्रप्रस्थ अपोलो दिल्ली में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ विनी कंतरू से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ विनी बताती हैं कि कोरोना कई तरह की अन्य गंभीर बीमारी वाले लोगों के लिए भी जटिलताएं पैदा कर रहा है। कई रोगियों की हालत इतनी बिगड़ जाती है कि उनसे सामान्य तरीके से मूवमेंट भी नहीं हो पाता है, ऐसे रोगियों को भी फिजियोथेरपी से काफी लाभ मिल सकता है। रोगियों को ठीक होने में दवा के साथ उनकी मूवमेंट भी बहुत आवश्यक होती है।
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नोट: यह लेख इंद्रप्रस्थ अपोलो दिल्ली में छाती रोग विशेषज्ञ डॉ विनी कंतरू से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।