प्रदूषण के बढ़े हुए खतरनाक स्तर के कारण न सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, बल्कि इसका असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। प्रदूषण से उम्र पर पड़ने वाले असर की अगर हम बात करें तो शिकागो विश्वविद्यालय की शोध संस्था 'इपिक' के अनुसार प्रदूषण की वजह से लोगों की औसतन आयु 7 साल तक कम होती जा रही है। संस्था ने यह दावा एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के आधार पर किया है। वहीं संस्था ने यह भी बताया कि अगर प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना रहता है तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। हालांकि कुछ बातों का ध्यान रख कर हम इस जानलेवा प्रदूषण से बचाव करते हुए लंबा और स्वास्थ्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं। आइए जानते हैं प्रदूषण से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
प्रदूषण पहुंचा रहा है शरीर को सबसे बड़ा नुकसान, धीरे-धीरे मौत की तरफ बढ़ रहे हैं आप
योग निभा सकता है महत्वपूर्ण भूमिका
नियमित योग के अभ्यास से हमारे शरीर से कई हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं। प्रदूषण से सुरक्षा के लिए धनुरासन, कपालभाती, चक्रासन, उष्ट्रासन और जलनेती जैसी योग क्रिया बेहद फायदेमंद होती हैं। ये क्रियाएं श्वसन तंत्र और ह्रदय को स्वस्थ्य बनाने में मदद करते हैं। लेकिन धूंध के दौरान कोई भी व्यायाम या आसन घर पर ही करना चाहिए।
मास्क का घर में भी करें प्रयोग
प्रदूषण के चलते धुंध में घुले जहरीले तत्व सांस लेने की प्रक्रिया के दौरान शरीर के अंदर पहुंचकर अन्य अंगों में चिपक जाते हैं। इस वजह से टीबी, अस्थमा और कैंसर जैसी भयानक बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदूषित वातावरण में सुबह-शाम बाहर टहलने की बजाय घर में ही योग या व्यायाम कर लें तथा घर में भी मास्क लगाए रखें।
दिल का रखें विशेष ध्यान
प्रदूषित वातावरण में जहरीले तत्व सांस के माध्यम से रक्त में मिलकर उसे संक्रमित कर देते हैं। रक्त के संक्रमित होने के कारण दिल संबंधी बीमारियों के होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस सबसे बचने के लिए हल्का खाना खाएं और भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें।
गले की गंदगी गुड़ से होती है दूर
प्रदूषित वातावरण में धूल के कण गले में जमा हो जाते हैं, जिससे गले में परेशानी उत्पन्न हो जाती है। रोजाना खाने के बाद गुड़ के सेवन से गले की गंदगी को साफ किया सकता है। गर्म पानी में नींबू के सेवन से भी गले को साफ रखा जा सकता है। इसके अलावा संतरे का सेवन भी एक उचित उपाय साबित हो सकता है।