देश का सबसे अहम सरकारी सेवा विभाग भारत की प्रशासनिक सेवाओं को माना जाता है। इसमें चयन संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जानी वाली सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE - Civil Service Examination) के माध्यम से होता है। प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए यही परीक्षा पास करनी होती है। हर साल लाखों युवा पूरी तैयारी के साथ इस परीक्षा में शामिल भी होते हैं, लेकिन कुछ ही सफलता प्राप्त कर पाते हैं। जो सफल हो जाते हैं वे आईएएस, आईपीएस एवं अन्य सेवा विभागों में अधिकारी बनते हैं। यूपीएससी की ओर से इस बार सिविल सेवा परीक्षा 2021 परीक्षा संबंधी अधिसूचना 10 फरवरी, 2021 को जारी की जाएगी।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा से आप भी बन सकते हैं लोक सेवा अधिकारी, ध्यान रखें ये तारीखें
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यूपीएससी के एग्जाम कैलेंडर के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा 2021 की प्रारंभिक परीक्षा 27 जून को आयोजित की जानी प्रस्तावित है। इसके लिए आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 02 मार्च, 2021 तक सक्रिय रहेगी। सिविल सेवा 2021 की मुख्य परीक्षा सितंबर तक आयोजित की जा सकती है। सिविल सेवा परीक्षा 2021 की प्रारंभिक परीक्षा के साथ ही भारतीय वन सेवा 2021 के लिए भी आवेदन और परीक्षा समान तिथियों पर प्रस्तावित हैं। सिविल सेवा के दो विभाग इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। आइए जानते हैं आईएएस या आईपीएस अधिकारियों के प्रशिक्षण, कार्य, रुतबे और सुविधाओं में अंतर।
इन पदों के लिए होती है सिविल सेवा परीक्षा
- भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
- भारतीय विदेश सेवा (IFS)
- भारतीय पुलिस सेवा (IPS)
- भारतीय राजस्व सेवा ग्रुप ए (कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज) (IRS)
- भारतीय राजस्व सेवा (आईटी) ग्रुप ए
- भारतीय डाक सेवा ग्रुप ए
- भारतीय सूचना सेवा (जूनियर ग्रेड) ग्रुप ए
- इंडियन पी एंड टी अकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस ग्रुप ए
- रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर का पद
- इंडियन डिफेंस एस्टेट सर्विस ग्रुप ए
- इंडियन ट्रेड सर्विस ग्रुप ए (ग्रेड-3)
- इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विस ग्रुप ए
- सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविल सर्विस ग्रुप बी (सेक्शन ऑफिसर्स ग्रेड)
- दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन दीव और दादर नागर हवेली सिविल सेवा (प्रशासनिक) ग्रुप बी
- दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन दीव और दादर नागर हवेली पुलिस सेवा ग्रुप बी
- पुडुचेरी प्रशासनिक सेवा ग्रुप बी
- पुडुचेरी पुलिस सेवा ग्रुप बी
आदि में नियुक्ति सिविल सेवा परीक्षा से मिलती है।
शीर्ष रैंक वाले बनते हैं आईएएस
सिविल सेवा परीक्षा परीक्षा में शीर्ष रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार ही आईएएस अधिकारी बन पाते हैं। इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस यानी आईएएस से ही ब्यूरोक्रेसी यानी नौकरशाही में प्रवेश होता है। आईएएस में चयनित अभ्यर्थी विभिन्न मंत्रालयों में सचिव, विभागों या जिलों के प्रशासनिक अधिकारी/ जिलाधिकारी/ कलेक्टर बनते हैं। एक आईएएस अधिकारी ही भारतीय नौकरशाही के सबसे बड़े पद कैबिनेट सचिव तक भी पहुंच सकता है। मंत्रालयों में सचिव, उप सचिव, सहायक सचिव, अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव जैसे पद आईएएस अधिकारी को ही मिलते हैं।
प्रशिक्षण व्यवस्था
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) तथा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की शुरुआती तीन महीने की ट्रेनिंग लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ही होती है। इसे फाउंडेशन कोर्स के तौर पर जाना जाता है। इसके बाद आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों को आगे के प्रशिक्षण के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA), हैदराबाद भेजा जाता है। यहां उन्हें पुलिस की मुश्किल ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें घुड़सवारी, परेड, हथियार चलाना सिखाया जाता है।