दुनिया की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री की स्थापना की है। यह फैक्ट्री उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ सैमसंग के इस संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। नोएडा के सेक्टर-81 में स्थित यह नई यूनिट 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुई है। सिर्फ इतना ही नहीं इस कंपनी के शुरू होने से करीब 70 हजार लोगों को नौकरी मिलने की भी संभावना है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में भारत में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है जबकि चार से पांच लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 35 एकड़ में फैली सैमसंग फैक्ट्री की शुरुआत से कई लोगों को फायदा पहुंचेगा। पिछले साल जून में कंपनी ने 4915 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया था। इसके चलते कंपनी का उत्पादन दोगुना हो जाएगा। सैमसंग फिलहाल 6.70 करोड़ फोन भारत में बना रही है और नए प्लांट के शुरू होने पर उसकी उत्पादन क्षमता बढ़कर 12 करोड़ फोन सालाना हो जाएगी।
नए प्लांट के शुरू होने से मोबाइल के साथ साथ रेफ्रिजरेटर और फ्लैट पेनल टीवी की उत्पादन क्षमता भी बढ़ जाएगी। इसके जरिए कंपनी इन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर लेगी। नोएडा में एक डिजाइन सेंटर और पांच रिसर्च व डेवलपमेंट सेंटर हैं। इनमें करीब 70 हजार लोग काम करते हैं। कंपनी की डेढ़ लाख के करीब रिटेल दुकानें भी हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहल 'मेक इन इंडिया' के तहत सबसे बड़ी उपलब्धि है।
साल 2014 में 'मेक इन इंडिया' की जब शुरुआत हुई थी, उस समय भारत में मोबाइल कंपनियों का बाजार लगभग 19,000 करोड़ रुपये का था। लेकिन इस पहल के बाद महज दो सालों में ही इसमें रिकॉर्ड 373 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2016-17 में यह बाजार 90,000 करोड़ तक पहुंच गया था। 'मेक इन इंडिया' की घोषणा के बाद से लगभग 40 मोबाइल फोन कंपनियों ने अपना प्लांट भारत में स्थापित किया है। अब ये आंकड़ा और भी बढ़ गया होगा।