Hypervigilance: अकादमिक और पेशेवर जीवन में काम का दबाव बना रहता है। ऐसे माहौल में चौकस और सतर्क रहने को अक्सर सफलता की चाबी माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यह सतर्कता, अति सतर्कता (हाइपरविजिलेंस) में बदल जाती है। इससे उत्पादकता के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि आप काम के दौरान हमेशा तनाव में रहते हैं, तो हो सकता है आप भी अति-सतर्कता के शिकार हों।
ऐसे में स्थितियां आपके लिए काफी कठिन हो जाती हैं और काम करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति के संकेतों को पहचानना सीखें और जीवन में संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके खोजें। इससे आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए बिना कामयाबी हासिल कर सकते हैं।
2 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
What is Hypervigilance: अति सतर्कता को समझें
अति सतर्कता या हाइपरविजिलेंस के कारण लोग खुद को थका हुआ और चिंतित महसूस करते हैं। यह अक्सर व्यक्तिगत असुरक्षा, पिछले अनुभवों या उच्च दबाव वाले कार्य वातावरण में काम करने के कारण होता है। इसके अलावा, यह शारीरिक, मानसिक या मनोवैज्ञानिक स्थितियों के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक कारणों से भी हो सकता है। यह इंसान के निर्णय लेने की क्षमता और प्रदर्शन को भी काफी हद तक प्रभावित करता है।
3 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
उत्साह को बनाए रखें
अपने जुनून को बरकरार रखते हुए समस्याओं को हल करने के लिए आपको कठिन परिस्थितियों में खुद को संभालने के तरीकों को जानना होगा। स्वयं को उन कार्यों में व्यस्त रखें, जिनसे आपको तार्किक और योजनात्मक बनने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने में मदद मिले। कार्यस्थल पर अपने उत्साह को बनाए रखने के लिए अपने सहकर्मियों या प्रबंधक से उत्साहपूर्ण सवाल पूछें। ऐसे सवाल आपके जीवन में टकराव के बजाय जिज्ञासा पैदा करने में मदद कर सकते हैं।
4 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
वैकल्पिक मार्ग का विकल्प
यदि आप किन्हीं कारणों से अपने काम में सहजता महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आपको इस स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक मार्ग की तलाश करनी होगी। ऐसी किसी भी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अपने विचारों पर काम करें। आपके विचार आपसे भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं, जो नकारात्मक या सकारात्मक, दोनों हो सकते हैं। नकारात्मक विचारों से खुद को बाहर निकालने के लिए रचनात्मक तरीकों और सकारात्मक विचारों को अपनाएं।
5 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
खुशहाल वातावरण बनाएं
अति सतर्कता से बचने के लिए अपने आस-पास के वातावरण को उद्देश्यपूर्ण तरीके से डिजाइन करना जरूरी है। आपका व्यवहार आपकी चिंता को कम कर सकता है। अपने दिमाग को तरोताजा और कठिन परिस्थितियों में खुद को शांत रखने के लिए आप धीरे-धीरे लंबी सांस लें। इसके अलावा, दैनिक दिनचर्या में व्यायाम, ताजी घास पर नंगे पैर चलना या गाने गुनगुनाने जैसी सरल प्रक्रियाओं को शामिल करें।