क्या आप अपनी नौकरी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं? जीवन के कई पहलुओं में यह एक बड़ा निर्णय है। सामान्य दिनों में अपने लक्ष्य और फाइनेंशियल व इमोशनल फैक्टर्स को देखते हुए यह फैसला लेना थोड़ा आसान हो जाता है, लेकिन वैश्विक महामारी के इस दौर में यह फैसला लेते हुए अनिश्चितता (Uncertainity) जैसे कई फैक्टर्स के बारे में भी सोचना होगा। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ फैक्टर्स के बारे में-
निरंतर बेरोजगारी - कई कंपनियां कर्मचारियों को हटा रही हैं और भर्तियों को स्थगित कर रही हैं। ऐसे में यदि हायरिंग शुरू होती भी है तो संभावना है कि तब कॉम्पिटीशन में क्वालिफाइड कैंडिडेट्स की भरमार हो और जॉब पाना मुश्किल हो जाए। आप एक नई नौकरी हासिल किए बिना अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़ना चाहते हैं, तो पहले ही सोच लें कि लंबे समय की बेरोजगारी के दौरान आपको खुद को बनाए रखने के लिए कितनी बचत की आवश्यकता होगी।
बहुमूल्य करियर का अनुभव खोना- यह संभव है कि तत्काल नवाचारों व संस्थानों के खुद को परिस्थितियों के अनुकूल ढालने के कारण कुछ करियर क्षेत्र हमेशा के लिए बदल जाएं। ऐसे में वर्तमान कंपनी में काम करते रहना भविष्य के लिए जरूरी कौशल और अनुभव प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
जॉब छोड़ने पर ब्लैकलिस्टेड न हो जाएं - यदि आप ऐसी भूमिका या क्षेत्र में हैं जिसमें वैश्विक संकट के दौरान अपनी नौकरी छोड़ना अपेक्षित वफादारी या कमिटमेंट की कमी के रूप में देखा जा सकता है, तो यह नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि आपके पास एक नया ज़ॉब ऑफर है तो यह जरूर विचार करें -
एक नए अवसर को सुरक्षित करने के बाद एक भूमिका छोड़ना किसी भी जॉब-सीकर के लिए एक आदर्श स्थिति है। इन दो बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़ने का निर्णय लें-
- एक नियोक्ता आपको काम पर रखने के लिए विश्वास दिला सकता है तो वह निकट भविष्य में आपको हटाने के लिए मजबूर भी हो सकता है। - ऐसे में अपना मुआवजा, लाभ और लिखित रूप में काम की शुरुआती तिथि आवश्यक रूप से सुनिश्चित कर लें। कंपनी की स्थिरता और वित्तीय ताकत और मंदी के दौर में उनकी क्षमता को भी समझें।
- नई नौकरी शुरू करने से पहले फिजिकल और इमोशनल फैक्टर्स पर भी विचार करें। इसके लिए खुद को जानना बेहद जरूरी है। क्या एक नई भूमिका और नए लोगों से मिलना आपके लिए प्रेरणात्मक साबित होगा या नहीं। कहीं आप डीमोटिवेट तो नहीं हो रहे, यह विचार करना आवश्यक है।