उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में तमाम पार्टियों ने सियासी परिवार को मैदान में उतारा। आइए जानते हैं किस दिग्गज नेता की बेटी, बेटा, भाई या रिश्तेदार कहां से चुनाव मैदान में उतरे।
यूपी चुनाव: देखिए सियासत के रंग, यहां 10 रिश्तेदारों की मैदान में जंग
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इटावा जिले के जसवंतनगर सीट पर सबकी निगाहें टिकी हुई है, क्योंकि यहां से शिवपाल सिंह यादव अपनी किस्मत आजम रहे हैं। इस सीट से मुलायम 7 बार विधायक रह चुके हैं, चार बार से शिवपाल सिंह यादव इस हलके की नुमाइंदगी कर रहे हैं। यादव परिवार का गांव सैफई भी इसी विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। मुलायम परिवार के संग्राम के बाद सबकी नजर जसवंतनगर पर टिकी हुई हैं। इसलिए भी कि मुलायम के कई करीबियों के टिकट कट चुके हैं तो कई सपा छोड़ चुके हैं और कुछ बगावत की राह पर हैं।
इन सभी हाईप्रोफाइल चेहरों में सबसे ज्यादा चर्चित चेहरा हैं अपर्णा यादव। 26 साल की अपर्णा मुलायम सिंह यादव की बहू हैं और पार्टी की प्रतिष्ठित सीट लखनऊ कैंट से चुनाव मैदान में हैं। अपर्णा यादव बीजेपी की दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। अपर्णा ने अन्तरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति में परास्नातक की डिग्री ली है। वो उस वक्त चर्चा में आईं जब उन्होंने पीएम मोदी के साथ सेल्फी खींची थी।
राजधानी के शहरी क्षेत्र की पांच सीटों में सबसे रोचक मुकाबला कैंट का दिखाई दे रहा है। यहां की लड़ाई दो बड़े सियासी घरानों की लड़ाई में तब्दील हो गई है। भाजपा ने मौजूदा विधायक डॉ. रीता बहुगुणा जोशी तो सपा ने अपर्णा यादव को उम्मीदवार बनाया है। डॉ. जोशी पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर कैंट से विधायक चुनी गई थीं। इस बार वे भाजपा से लड़ रही हैं। डॉ. रीता प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हेमवती नंदन बहुगुणा की पुत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की बहन हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अनुराग यादव लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से उम्मीदवार हैं। यहां से सपा ने मौजूदा विधायक व प्रदेश सरकार में मंत्री शारदा प्रताप शुक्ल की जगह अनुराग यादव को उम्मीदवार बनाया है। अनुराग, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा के लड़के और बदायूं से सांसद धर्मेंद्र यादव के भाई हैं।