बहुप्रतीक्षित ट्रेन 18 का दिल्ली से वाराणसी के बीच व्यावसायिक परिचालन कुंभ मेले से पहले अगले हफ्ते शुरू हो सकता है। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में कुंभ मेला 14 जनवरी से शुरू हो रहा है। यह भी संभावना है कि 24 जनवरी को दिल्ली में प्रवासी भारतीय दिवस के लिए प्रतिनिधियों को कुंभ मेले से दिल्ली लाने के लिए चार विशेष ट्रेनों में से एक ट्रेन 18 भी हो सकती है।
अगले हफ्ते से ट्रैक पर दौड़ सकती है ट्रेन 18, तैयारी पूरी
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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को खुद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर इस ट्रेन का मुआयना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ट्रेन-18 को ट्रैक पर उतारने की तैयारी पूरी हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि कुंभ से पहले ही इस ट्रेन को यात्रियों के लिए शुरू कर दिया जाए। इससे करीब 45 फीसदी समय बचेगा। अन्य ट्रेन से दिल्ली-वाराणसी की दूरी जहां साढ़े ग्यारह घंटे में तय होती है, इस ट्रेन से महज आठ घंटे में यात्रा पूरी हो जाएगी। पहली बार आधिकारिक तौर पर इसके रूट की घोषणा की गई।
कमिश्नर रेलवे सेफ्टी के सुझाव पर रेलवे बोर्ड विचार कर रहा है। मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए वक्त लिया जाएगा। रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की समय-सारणी में पहले से काफी सुधार हुआ है। अप्रैल 2018 में ट्रेनों की लेटलतीफी से एक लाख बीस हजार मिनट का नुकसान होता था, अब यह घटकर 58 हजार मिनट रह गया है।
. मेट्रो की तरह रुकने पर ही इस ट्रेन का दरवाजा खुलेगा
. इसकी सीट 360 डिग्री तक घूम सकती है
. शताब्दी की तरह पूरी ट्रेन चेयर कार वाली है
. विमानों की तरह पूरे कोच में एलईडी लाइट है
. हाई स्पीड वाई-फाई व एप से मनोरंजन की सुविधा
. प्लेटफॉर्म पर रुकते ही स्वचालित स्लाइडिंग सीढ़ी प्लेटफार्म तक खुलेगी
ट्रेन में आठ घंटे बैठ कर यात्रा करना मुश्किल होगा। ट्रेन की सीट 360 डिग्री तो घूमती है, लेकिन आरामदायक बनाने के लिए सीट पीछे नहीं झुकती। इस ट्रेन में खाना रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। बिना फेंसिंग के 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने में दिक्कत। सेफ्टी कमिश्नर ने भी ज्यादा तेज चलाने के लिए फेंसिंग की बात की है।