पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के एम्स में गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर निधन हो गया। वाजपेयी का पार्थिव शरीर दिल्ली के सरकारी आवास 6ए-कृष्णा मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर रखा गया है। जहां लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
यह है अंतिम यात्रा का पूरी जानकारी
- आज सुबह साढ़े नौ बजे अंतिम दर्शन के लिए भाजपा मुख्यालय पर रखा जाएगा दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर।
- साढ़े नौ बजे से डेढ़ बजे के बीच लोग कर सकेंगे अंतिम दर्शन।
- डेढ़ बजे अंतिम यात्रा राजघाट के पास स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल के लिए होगी रवाना।
- अंतिम यात्रा बीजेपी मुख्यालय से दीन दयाल उपाध्याय मार्ग होते हुए आईटीओ रेड लाइट पहुंचेगी, इसके बाद वहां से राजघाट के राष्ट्रीय स्मृति तक जाएगी।
- 21 बंदूकों की सलामी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पार्थिव शरीर को शाम 4 बजे यमुना किनारे राजघाट के करीब राष्ट्रीय स्मृति स्थल में मुखाग्नि दी जाएगी।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, अटल जी के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं। वो सच्चे भारतीय प्रतिनिधि थे। उनकी कमी हम सबको महसूस होगी।
दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजिल अर्पित कर नमन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिवंगत वाजपेयी को श्रद्धांजिल अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने शोक संदेश में कहा- मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं इस समय भावों से भरा हुआ हूं। हमारे आदरणीय अटल जी अब हमारे बीच नहीं हैं। उनका हर कदम देश को समर्पित था।मेरे लिए वाजपेयी का जाना ऐसी कमी है, जो कभी भर नहीं पाएगी।
वाजपेयी ने अपने कुशल नेतृत्व और अविरल संघर्ष के द्वारा जनसंघ से लेकर भाजपा तक इन संगठनों को मजबूती के साथ खड़ा किया। उन्होंने भाजपा के विचारों और नीतियों को देश में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्हीं के दृढ़ निश्चय का परिणाम है कि भाजपा की यात्रा यहां तक पहुंची है।
अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह।
वाजपेयी के निधन पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान के साथ ही भारतीय राजनीति के आकाश का ध्रुवतारा नहीं रहा। वो बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, उनके जाने के साथ ही देश ने एक अजातशत्रु राजनेता खोया है। साहित्य ने एक कवि को खोया है, पत्रकारिता ने एक स्वभावगत पत्रकार को खोया है। देश की संसद ने गरीबों की आवाज को खोया है।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देतीं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी।
यूपीए अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी वाजपेयी के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। वह लोकतांत्रिक मूल्यों को समझते थे और बतौर सांसद, कैबिनेट मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में हमेशा इसी का प्रदर्शन किया है। वह एक महान वक्ता थे।