भूटान के डोकलाम में भारत और चीन के बीच मची तकरार के बीच खबर आ रही है कि चीन ने सीमा पर अपनी आर्मी के रहने के लिए 80 से ज्यादा टेंट का निर्माण किया है। इन टेंट को चीन ने विवादित सीमा से एक किलोमीटर दूर बनाया है, ताकि सैनिकों को रहने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, चीन के करीब 800 सैनिक डोकलाम के पास बने इन टेंट में रह रहे हैं। वहीं ग्राउंड जीरो पर 300 सैनिक लगातार निगरानी रखे हुए हैं। चीन की हरकतों को देखते हुए बड़ा सवाल ये उठता है कि अगर सीमा पर युद्ध के हालात बनते हैं तो भारत वहां किस स्थिति में है? आइए, डालते हैं इस पर एक नजर।
जानिए, डोकलाम में चीन के मुकाबले कितनी मजबूत स्थिति में भारत
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भौगोलिक रूप से मजबूत स्थिति में है भारत
डोकलाम में भारत चीन के मुकाबले ज्यादा मजबूत स्थिति में है और उसकी बड़ी वजह है इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति। जानकारों के अनुसार भारत यहां ऊंचाई पर है जबकि चीन निचले क्षेत्र में। ऐसे में अगर चीन यहां हमला करने की गलती करता है तो उसे यहां भारत के मुकाबले तीन गुणा सैनिकों को तैनात करना होगा। इसके अलावा चीन के विमानों को ऊंचे पठारों से उड़ान भरनी होगी जबकि भारत के लिए ये आमने सामने की टक्कर वाला मुकाबला होगा।
सामरिक रूप से भी मजबूत है भारत
चीन से लगती 33 सौ किलोमीटर लंबी सीमा पर सिक्किम के नजदीक पड़ने वाला डोकलाम ही एक ऐसा इलाका है जहां भारत सामरिक रूप से भी काफी मजबूत स्थिति में है। पिछले कुछ समय से भारत ने सामरिक रूप से खुद को यहां काफी नजदीक किया है। जबकि चीन यहां अभी विस्तार ही कर रहा है। हालांकि डोकलाम विवाद बढ़ने के बाद चीन ने यहां सैनिकों और हथियारों का जमावड़ा बढ़ा दिया है।
सैन्य एयरबेस के मामले में भी मजबूत स्थिति में भारत
डोकलाम क्षेत्र में सैन्य एयरबेस के मामले में भी भारत काफी सुदृढ़ स्थिति में है। चीन को जहां तिब्बत में स्थित अपने बेस से सैन्य मदद मिलेगी वहीं भारत ने असम के तेजपुर में मजबूत सैन्य बेस बना ली है। यहां से एयरफोर्स के सुखाई 30 भी आसानी से उड़ान भर सकते हैं।
चीन सीमा के बेस पर मौजूद हैं भारत के तीन लाख सैनिक
1962 के युद्ध से सबक लेते हुए भारत ने पूर्वोत्तर में अपने सैनिकों की संख्या में भी इजाफा किया है। एक अनुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर में चीन से लगती सीमा की सुरक्षा के लिए भारत ने अपने सैन्य इलाकों में तीन लाख सैनिकों की तैनाती कर रखी है।