ओडिशा के आईएनएस चिल्का में अग्निवीरों के चौथे बैच की ‘पासिंग आउट परेड (पीओपी)’ शुक्रवार को आयोजित की गई। 16 हफ्तों के कठोर प्रशिक्षण के बाद हुई इस पासिंग आउट परेड (POP) में भारतीय नौसेना के 1389 अग्निवीर शामिल हुए, जिनमें 214 महिला अग्निवीर भी शामिल थीं। सूर्यास्त के बाद हुए इस समारोह में सभी अग्निवीर आईएनएस चिल्का से रवाना होते हुए ‘अंतिम पग’ में शामिल हुए।
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पासिंग आउट परेड के बाद अतिथियों के साथ अग्निवीर।
- फोटो : अमर उजाला
सूर्यास्त के बाद पासिंग आउट परेड के मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वाइस एडमिरल वी श्रीनिवास, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ मौजूद रहे। वहीं परेड का संचालन दक्षिणी नौसेना कमान ने किया। वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस मौके पर पासिंग आउट कोर्स में शामिल अग्निवीरों के परिवार के सदस्य, और कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में शूटिंग में स्वर्ण पदक विजेता एवं प्रतिष्ठित दिग्गज और प्रख्यात खेल व्यक्तित्व ओमकार सिंह भी शामिल थे।
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अग्निवीरों से बात करते नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला
पासिंग आउट परेड (पीओपी) न केवल प्रारंभिक प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक है, बल्कि भारतीय नौसेना में अग्निवीरों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का भी प्रतीक है। परेड को संबोधित करते हुए, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (सीएनएस) ने परेड में प्रशिक्षुओं को बधाई दी।
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पासिंग आउट परेड में अग्निवीर का सम्मान करते नौसेना प्रमुख।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने पासिंग आउट कोर्स को राष्ट्र निर्माण के अपने प्रयास में नौसेना के मूल मूल्यों कर्तव्य, सम्मान और साहस को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उनसे प्रशिक्षण के अपने अगले चरणों पर ध्यान केंद्रित करने और तकनीकी रूप से कुशल समुद्री योद्धा बनने का आग्रह किया। पासिंग आउट परेड के बाद मुख्य अतिथि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने मेधावी अग्निवीरों को पदक और ट्रॉफी प्रदान की।
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पासिंग आउट परेड में मेधावी को ट्रॉफी देते नौसेना प्रमुख।
- फोटो : अमर उजाला
विनय मारुति कदम, एवीआर एसएसआर (अग्निवीर सीनियर सेकंडरी रिक्रूटमेंट) और संजना, एवीआर एमआर (अग्निवीर मेट्रिक रिक्रूटमेंट, स्टीवर्ड रोल) को क्रमशः चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ रोलिंग ट्रॉफी और सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर एसएसआर और एमआर के लिए स्वर्ण पदक मिला।