पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्जा पूजा उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार इस उत्सव की धूम पहले की तरह नहीं होगी, लेकिन सजे हुए बाजार और दुकानों में हो रही खरीदारी बता रही है कि लोगों में उत्सव के प्रति उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
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खरीदारी करते लोग
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राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार इस साल 22 से 26 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा उत्सव के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उत्सव के दौरान कोरोना वायरस से बचाव के सभी मानकों जैसे कि मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने आदि का पालन करना होगा।
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मूर्तियों को अंतिम रूप देता मूर्तिकार
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महामारी के चलते दुर्गा पूजा समितियों के सामने चंदा इकट्ठा करने में समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राज्य की सभी पूजा समितियों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही पूजा समितियों को इस साल नगर निगम या स्थानीय निकायों को कोई कर भी नहीं देना होगा।
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बाजार में उमड़ी भीड़
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि त्योहार मनाते समय हमें सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने आयोजकों से अपील की है कि पंडाल को जितना संभव हो उतना खुला रखें और प्रवेश व निकास द्वार अलग-अलग रखें। इसके अलावा प्रवेश व निकास द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
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मूर्तियों को दिया जा रहा है अंतिम रूप
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पूजा समितियों को ममता सरकार ने आर्थिक मदद देने के साथ बिजली के बिल में भी राहत दी है। बनर्जी ने कहा है कि इस साल पूजा समितियों को बिजली बिल में 50 फीसदी की छूट मिलेगी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस साल इस उत्सव का स्वरूप पहले के मुकाबले काफी बदला हुआ रहने की उम्मीद है।