जीजा और साली का रिश्ता ऐसा होता है, जिसमें थोड़ी नोकझोंक, थोड़ी छेड़छाड़ और ढेर सारा हंसी-मजाक चलता रहता है। साली अपने जीजा की टांग खींचने का कोई मौका नहीं छोड़ती, तो जीजा भी खुद को कम समझदार नहीं मानते। लेकिन असली मजा तब आता है, जब जीजा अपनी तरफ से कोई मजेदार बात कहने की कोशिश करते हैं और साली एक ही जवाब में उनकी सारी होशियारी निकाल देती है। कभी जीजा अपनी तारीफ खुद करने लगते हैं, तो कभी साली ऐसी बात कह देती है कि आसपास बैठे लोग भी हंसने लगते हैं। पढ़िए जीजा और साली के मजेदार चुटकुले और बताइए कि किसका जवाब सबसे ज्यादा मजेदार लगा।
मजेदार चुटकुले: साली ने जीजा की तारीफ में कह दी ऐसी बात, सुनकर दीदी भी हंस पड़ेंगी
Majedar Chutkule: जीजा और साली के ये मजेदार जोक्स हाजिरजवाबी, घरेलू नोकझोंक और रिश्तों में होने वाले हल्के-फुल्के मजाक पर आधारित हैं। कहीं साली जीजा की तारीफ में ही उनकी खिंचाई कर देती है, तो कहीं बजट और शादी के सवालों पर ऐसा जवाब देती है कि जीजा के पास कहने को कुछ नहीं बचता।
जीजा - साली साहिबा, पढ़ाई कैसी चल रही है?
साली - बहुत अच्छी, जीजाजी। अब तो मैं मुश्किल सवाल भी हल कर लेती हूं।
जीजा - अच्छा, तो बताओ शादी के बाद पति की सबसे बड़ी समस्या क्या होती है?
साली - यही कि शादी से पहले जो सवाल आसान लगते थे, उनके जवाब शादी के बाद भी देने पड़ते हैं!
जीजा - ये किस किताब में लिखा है?
साली - दीदी के अनुभवों की किताब में, जीजाजी। उसका पाठ्यक्रम बहुत बड़ा है!
जीजा - साली साहिबा, इस महीने मैंने खर्च कम करने का फैसला किया है।
साली - वाह जीजाजी! शुरुआत कहां से करेंगे?
जीजा - बाहर खाना बंद, बेवजह खरीदारी बंद और फालतू खर्च बिल्कुल बंद।
साली - बहुत बढ़िया! फिर दीदी को बता दिया?
जीजा - अभी नहीं बताया।
साली - क्यों?
जीजा - पहले हिम्मत जुटा लूं, फिर बजट पेश करूंगा।
साली - जीजाजी, बजट तो बाद में बनाइएगा, पहले अपनी सरकार बचाइए!
साली - जीजाजी, आप खुद को बहुत समझदार मानते हैं न?
जीजा - बिल्कुल! कोई भी फैसला लेने से पहले मैं बहुत सोचता हूं।
साली - फिर शादी के लिए हां कहने से पहले कितना सोचा था?
जीजा - उस समय तुम्हारी दीदी बहुत अच्छी लगती थीं।
साली - और अब?
जीजा - अब भी अच्छी लगती हैं।
साली - तो फिर परेशानी क्या है?
जीजा - परेशानी यह है कि अब हर फैसले पर उनसे सलाह भी लेनी पड़ती है!
साली - समझ गई जीजाजी, आप समझदार हैं, बस आपकी समझदारी की अंतिम मंजूरी दीदी देती हैं!
जीजा - साली साहिबा, जिंदगी में हमेशा अपनी गलती मान लेनी चाहिए। इससे रिश्ते अच्छे रहते हैं।
साली - वाह जीजाजी! आपने यह बात कब सीखी?
जीजा - शादी के बाद।
साली - फिर तो आप रोज अपनी गलती मानते होंगे!
जीजा - नहीं, रोज गलती हो यह जरूरी नहीं है।
साली - लेकिन दीदी तो कहती हैं कि आप गलती मानने में बहुत देर लगाते हैं।
जीजा - अरे, गलती मानने में देर नहीं लगाता। बस पहले यह पता करता हूं कि गलती मेरी है या मुझे माननी पड़ेगी!
साली - जीजाजी, आपकी ईमानदारी देखकर लगता है कि दीदी की ट्रेनिंग अभी जारी है!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)