हंसी-मजाक जिंदगी की उन छोटी-छोटी खुशियों में से एक है, जो व्यस्त दिन में भी चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। कभी दोस्तों की बातचीत हंसने की वजह बन जाती है, तो कभी घर-परिवार में होने वाले मजेदार सवाल-जवाब पूरे माहौल को खुशनुमा बना देते हैं। ऐसे ही चुटकुलों में पंडित और महिला के बीच होने वाली बातचीत भी काफी दिलचस्प हो सकती है। जब महिला अपनी परेशानी लेकर पंडित जी के पास पहुंचे और उनके सवालों का जवाब अपने अंदाज में दे, तो बातचीत में मजेदार मोड़ आना तय है।
चुटकुले: महिला- मेरी किस्मत कब बदलेगी? पंडित जी ने दिया ऐसा जवाब कि छूट जाएगी हंसी
Chutkule: पंडित और महिला पर आधारित ये छह चुटकुले रोजमर्रा की जिंदगी, पूजा-पाठ और छोटी-छोटी परेशानियों को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करते हैं। इनमें हंसी के साथ धैर्य, दूसरों की मदद और अच्छी आदतों से जुड़ी बातें भी हैं। साफ-सुथरे और मजेदार चुटकुले न सिर्फ मन हल्का करते हैं, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ कुछ खुशनुमा पल बिताने का मौका भी देते हैं।
एक महिला पंडित जी के पास पहुंची।
महिला - पंडित जी, मेरी किस्मत कब बदलेगी?
पंडित जी - बेटी, मेहनत करती हो?
महिला - जी, बहुत मेहनत करती हूं।
पंडित जी - तो फिर धैर्य रखो, मेहनत का फल जरूर मिलेगा।
महिला - लेकिन पंडित जी, फल कब मिलेगा?
पंडित जी मुस्कुराकर बोले - बेटी, अगर तारीख भी बता सकता, तो अपनी किस्मत पहले बदल लेता!
एक महिला पंडित जी के पास आई और बोली।
महिला - पंडित जी, घर में रोज छोटी-छोटी बातों पर बहस होती है। कोई उपाय बताइए।
पंडित जी - घर में सबको एक-दूसरे की बात ध्यान से सुननी चाहिए।
महिला - लेकिन पंडित जी, सब सुनते तो हैं, मानता कोई नहीं!
पंडित जी हंसकर बोले - फिर तो आपको पूजा से पहले घर में एक नियम बनाना होगा - एक बोलेगा और बाकी सुनेंगे!
महिला - और जो नियम न माने?
पंडित जी - उसे ही अगली बार सबकी बात सुनने की जिम्मेदारी दे देना!
एक महिला पंडित जी से पूछने लगी।
महिला - पंडित जी, पूजा करते समय मेरा मन बार-बार भटक जाता है। क्या करूं?
पंडित जी - पूजा करते समय अपना ध्यान भगवान पर लगाइए।
महिला - कोशिश तो करती हूं, लेकिन कभी रसोई याद आती है, कभी बाजार का सामान।
पंडित जी - तो पूजा से पहले जरूरी कामों की सूची बना लिया कीजिए।
महिला खुश होकर बोली - वाह पंडित जी! यानी भगवान को याद करने से पहले सामान की सूची तैयार करनी होगी!
पंडित जी हंसते हुए बोले - कम से कम पूजा के बीच में धनिया और टमाटर तो याद नहीं आएंगे!
महिला - पंडित जी, सबसे बड़ा दान कौन-सा होता है?
पंडित जी - जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी इंसान के काम आना भी बहुत बड़ा पुण्य है।
महिला - तो अगर मैं किसी को अपना समय दे दूं, उसकी परेशानी सुन लूं, तब भी अच्छा काम होगा?
पंडित जी - बिल्कुल बेटी, कई बार किसी को ध्यान से सुनना भी बड़ी मदद होती है।
महिला मुस्कुराकर बोली - फिर तो आज से मैं अपने पड़ोसियों की मदद जरूर करूंगी।
पंडित जी - बहुत अच्छी बात है।
महिला - बस शर्त इतनी है कि वे मेरी बात भी उतने ही ध्यान से सुनें!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)