वायरल जोक्स: बेटा- पापा, आप बचपन में पढ़ाई में कैसे थे? पिता के जवाब देते ही बेटे ने खोली किताब
Viral Jokes: पिता और बेटे की नोकझोंक, मजेदार सवाल और अनोखे जवाब घर के माहौल को खुशनुमा बना देते हैं। ये पांच जोक्स पिता-बेटे के रिश्ते की ऐसी ही हल्की-फुल्की मस्ती दिखाते हैं, जिन्हें पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ सकती है।
बेटा - पापा, आप बचपन में पढ़ाई में कैसे थे?
पिता - बेटा, मैं बहुत होशियार था। टीचर मुझसे बहुत खुश रहते थे।
बेटा - फिर आप क्लास में हमेशा पीछे क्यों बैठते थे?
पिता - ताकि टीचर की नजर मुझ पर कम पड़े!
बेटा - अच्छा! तभी तो आप मुझे आगे बैठने के लिए कहते हैं।
पिता - आज स्कूल से तुम्हारी शिकायत क्यों आई है?
बेटा - पापा, मैंने कोई गलती नहीं की। टीचर को गलतफहमी हुई है।
पिता - अच्छा! तो बताओ, होमवर्क किसने नहीं किया?
बेटा - मैंने ही नहीं किया।
पिता - फिर गलतफहमी किस बात की?
बेटा - टीचर को लगा कि मैं होमवर्क करके आऊंगा!
पिता - बेटा, जिंदगी में हमेशा मेहनत करनी चाहिए। बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता।
बेटा - पापा, आपको मम्मी से शादी करने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी थी?
पिता - बहुत मेहनत करनी पड़ी थी!
बेटा - तो फिर शादी के बाद आप मम्मी से इतना डरते क्यों हैं?
पिता - बेटा, मेहनत का फल मीठा होता है, लेकिन उसे संभालना भी पड़ता है!
पिता - बेटा, दिनभर मोबाइल चलाते रहते हो। कभी किताब भी पढ़ लिया करो।
बेटा - पापा, मैं मोबाइल पर ही किताब पढ़ रहा हूं।
पिता - अच्छा! कौन सी किताब पढ़ रहे हो?
बेटा - अभी तो किताब खोज रहा हूं।
पिता - और कितनी देर से खोज रहे हो?
बेटा - बस दो घंटे से!
पिता - किताब मिली?
बेटा - नहीं पापा, लेकिन तीन नए गेम जरूर मिल गए!
बेटा - पापा, आप अपनी उम्र क्यों नहीं बताते?
पिता - क्योंकि उम्र सिर्फ एक नंबर है, बेटा।
बेटा - तो फिर मम्मी जब आपकी उम्र पूछती हैं, तब आप चुप क्यों हो जाते हैं?
पिता - बेटा, हर नंबर सबके सामने बताने के लिए नहीं होता!
बेटा - समझ गया पापा, जैसे मेरे गणित के नंबर!
पिता - अब तुमने सही बात पकड़ी है!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)