पिता और बेटे का रिश्ता जितना खास होता है, उतना ही मजेदार भी। कभी पिता बेटे को पढ़ाई के लिए समझाते नजर आते हैं, तो कभी बेटा अपनी बातों से पापा को ही सोच में डाल देता है। घर में जब पिता की सीख और बेटे की हाजिरजवाबी आमने-सामने आती है, तो कई बार ऐसी मजेदार बातचीत हो जाती है कि हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है। खासकर तब, जब पिता किसी गंभीर सवाल का जवाब चाहते हों और बेटा अपनी ही समझदारी लगाकर ऐसा जवाब दे दे, जिसकी उम्मीद पापा ने सपने में भी न की हो। तो चलिए, पढ़ते हैं पिता और बेटे के पांच मजेदार जोक्स, जिनमें हंसी भी है और थोड़ी-सी समझदारी भी।
पापा- पढ़ाई कैसी चल रही है? बेटे ने दिया ऐसा जवाब कि तुरंत ही हो गई धुनाई
Hindi Jokes: पिता और बेटे के ये मजेदार जोक्स पढ़ाई, मोबाइल, जेब खर्च और घर की जिम्मेदारियों जैसी रोजमर्रा की बातों पर आधारित हैं। कहीं बेटा अपनी बातों से पापा को उलझा देता है तो कहीं पापा अपने जवाब से उसकी होशियारी पर लगाम लगा देते हैं।
पापा - बेटा, तुम हर समय मोबाइल में क्या देखते रहते हो?
बेटा - पापा, ज्ञान बढ़ाता हूं।
पापा - अच्छा! तो बताओ, कल रात मैंने तुम्हें कितने बजे मोबाइल बंद करने को कहा था?
बेटा - पापा, करीब दस बजे।
पापा - और तुमने बंद कब किया?
बेटा - करीब बारह बजे।
पापा - तो दो घंटे में कितना ज्ञान बढ़ा?
बेटा - पापा, इतना तो समझ आ गया कि आप समय बहुत अच्छी तरह याद रखते हैं!
पापा - और मुझे यह समझ आ गया कि तुम्हारा ज्ञान बढ़ाने के लिए मोबाइल से ज्यादा घड़ी की जरूरत है!
बेटा - पापा, मुझे पांच सौ रुपये चाहिए।
पापा - किसलिए?
बेटा - दोस्तों के साथ बाहर जाना है।
पापा - पिछली बार भी तो पैसे दिए थे।
बेटा - हां पापा, लेकिन वो पिछली बार के दोस्त थे।
पापा - क्या मतलब?
बेटा - इस बार नए दोस्तों के साथ जा रहा हूं। उनके सामने पुराना बजट लेकर कैसे जाऊं?
पापा - अच्छा! तो दोस्तों के साथ जाने के लिए बजट भी बदलता है?
बेटा - जी पापा, दोस्त बदलें या न बदलें, खर्चा तो बढ़ ही जाता है!
पापा - ठीक है, आज से तुम्हारे दोस्तों की सूची के साथ खर्चे का हिसाब भी बनाऊंगा!
पापा - बेटा, घर के कामों में भी हाथ बंटाया करो। इससे जिम्मेदारी आती है।
बेटा - बिल्कुल पापा, मैं जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं।
पापा - अच्छा, आज से अपना कमरा खुद साफ करना।
बेटा - पापा, मैंने सोचा था कि आप कोई बड़ी जिम्मेदारी देंगे।
पापा - इससे बड़ी क्या होगी?
बेटा - आप मुझे घर का बजट संभालने दीजिए।
पापा - पहले अपना कमरा संभाल लो, फिर घर का बजट भी दे दूंगा।
बेटा - पापा, बजट में कम से कम सफाई तो नहीं करनी पड़ेगी!
पापा - बिल्कुल, लेकिन तुम्हारी जेब साफ होने की पूरी संभावना है!
पापा - बेटा, मान लो तुम्हारे पास दस चॉकलेट हैं और तुमने पांच अपने दोस्त को दे दीं, तो तुम्हारे पास कितनी बचेंगी?
बेटा - दस ही, पापा।
पापा - यह कैसे हो सकता है? दस में से पांच दे दीं तो पांच बचेंगी!
बेटा - पापा, आपने कहा मान लो। मैंने बस मान लिया कि मेरे पास दस चॉकलेट हैं। दोस्त को देने की बात तो आपने कही, मैंने दी थोड़े ही हैं!
पापा कुछ देर चुप रहे, फिर बोले - बेटा, गणित में तो तुम्हें अभी बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।
बेटा - कोई बात नहीं पापा, लेकिन सवाल पूछने से पहले शर्तें साफ कर लिया कीजिए!
पापा - अच्छा! अब से तुम्हारी पढ़ाई के साथ तुम्हारे सवाल पूछने के तरीके की भी क्लास लगेगी!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)