घर-परिवार में रिश्तों की अपनी अलग ही मिठास होती है। कहीं ननद-भाभी की नोकझोंक देखने को मिलती है, तो कहीं सास-बहू की मजेदार बातचीत पूरे घर का माहौल खुशनुमा बना देती है। इसी तरह देवरानी और जेठानी का रिश्ता भी कभी प्यार, कभी सलाह और कभी छोटी-छोटी बातों पर होने वाली मजेदार बहस से भरा रहता है। दोनों एक ही परिवार का हिस्सा होती हैं, इसलिए घर के काम से लेकर खरीदारी और रसोई तक, कई ऐसी बातें होती हैं जिन पर उनकी राय एक जैसी भी हो सकती है और बिल्कुल अलग भी।
जेठानी- आज घर का काम आधा-आधा बांट लेते हैं, देवरानी ने दिया ऐसा जवाब कि हंसते-हंसते हो जाएंगे लोटपोट
Hindi Jokes: देवरानी-जेठानी के ये पांच मजेदार चुटकुले घर-परिवार में होने वाली छोटी-छोटी नोकझोंक को हंसी के अंदाज में पेश करते हैं। कभी रसोई की जिम्मेदारी, कभी खरीदारी का हिसाब और कभी घर के काम बांटने की बात, ऐसी बातचीत रिश्तों में हल्का-फुल्का मनोरंजन जोड़ सकती है। आपसी समझ, प्यार और हंसी-मजाक से रिश्ते और भी खूबसूरत बन सकते हैं।
जेठानी - देवरानी, आज खाना तुम बनाओगी या मैं बनाऊं?
देवरानी - दीदी, आज आप बना लीजिए।
जेठानी - क्यों, आज तुम्हारा मन नहीं है?
देवरानी - मन तो है, लेकिन कल आपने कहा था कि मेरे हाथ के खाने में नमक थोड़ा ज्यादा था।
जेठानी - तो आज ध्यान रखकर बना लेना।
देवरानी - दीदी, मैं चाहती हूं कि आज आप भी अपनी तारीफ सुनने का मौका न छोड़ें!
जेठानी हंसकर बोली - अच्छा, अब समझ आया कि तुम मुझे खाना बनाने का मौका क्यों दे रही हो!
देवरानी बाजार से लौटकर घर आई। उसके हाथ में कई बैग थे।
जेठानी - अरे, तुम तो सिर्फ सब्जियां लेने गई थीं। इतने सारे बैग कहां से आ गए?
देवरानी - दीदी, सब जरूरत का सामान है।
जेठानी - अच्छा, यह नया सूट भी जरूरत का सामान है?
देवरानी - बिल्कुल! पुराने कपड़े देखकर मन उदास हो जाता है।
जेठानी - और यह नया पर्स?
देवरानी मुस्कुराकर बोली - उसमें पैसे रखूंगी, ताकि अगली बार खरीदारी के लिए आपके सामने हिसाब न देना पड़े!
जेठानी - वाह! सामान खरीदने के साथ-साथ बचाव की तैयारी भी पूरी है!
जेठानी - देवरानी, आजकल तुम सुबह इतनी जल्दी कैसे उठने लगी हो?
देवरानी - दीदी, मैंने अलार्म लगाना शुरू कर दिया है।
जेठानी - अच्छा! फिर तो तुम्हारी आदत सुधर गई।
देवरानी - आदत तो अभी नहीं सुधरी, लेकिन अलार्म बंद करने के लिए उठना जरूर पड़ता है।
जेठानी - फिर उसके बाद क्या करती हो?
देवरानी - अलार्म बंद करके दोबारा सो जाती हूं।
जेठानी हंसकर बोली - यानी सुबह उठने की शुरुआत हो गई है, अब बस जागना बाकी है!
जेठानी - देवरानी, आज घर का काम आधा-आधा बांट लेते हैं।
देवरानी - ठीक है दीदी, आप आधा काम कर लीजिए और आधा मैं कर लूंगी।
जेठानी - तो तुम कौन-सा काम करोगी?
देवरानी - जो काम जल्दी खत्म हो जाए, वह मैं कर लूंगी।
जेठानी - और जो काम ज्यादा हो?
देवरानी - वह हम दोनों मिलकर कर लेंगे!
जेठानी हंसते हुए बोली - तुम्हारी योजना तो अच्छी है, बस इसमें मेरे हिस्से का काम ज्यादा दिखाई दे रहा है!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)