दोस्ती का रिश्ता ऐसा होता है, जिसमें बिना किसी झिझक के दिल की बात कही जा सकती है। दोस्त चाहे कितने भी साल पुराने हों, उनके बीच हंसी-मजाक का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता। कभी एक दोस्त दूसरे की टांग खींचता है तो कभी कोई ऐसा जवाब दे देता है कि सामने वाला हंसते-हंसते लोटपोट हो जाता है। दोस्तों के बीच की सबसे खास बात यह है कि यहां छोटी-छोटी बातों पर भी बड़ी हंसी निकल आती है। पढ़ाई हो, नौकरी हो, पैसे की परेशानी हो या फिर घूमने का प्लान, हर मामले में दोस्तों की अपनी अलग ही दुनिया होती है। एक दोस्त मुश्किल में हो तो दूसरा उसका साथ देता है, लेकिन मौका मिलते ही उसकी खिंचाई करने से भी पीछे नहीं हटता। यही नोकझोंक दोस्ती को और खास बना देती है। अगर आप भी अपने किसी खास दोस्त को याद कर रहे हैं या बस कुछ देर हंसना चाहते हैं तो ये पांच मजेदार जोक्स जरूर पढ़िए। हो सकता है इनमें से कोई जोक पढ़कर आपको अपने उस दोस्त की याद आ जाए, जो हर गंभीर बात को भी मजाक में बदलने की कला जानता है।
जोक्स: पहला दोस्त: भाई तू कब से इतना समझदार हो गया? दूसरे दोस्त ने दिया ऐसा जवाब कि हंस पड़ेंगे आप
जोक्स: दोस्ती में हंसी-मजाक, एक-दूसरे की खिंचाई और मुश्किल वक्त में साथ देना, सब कुछ शामिल होता है। पढ़ाई टालने से लेकर पैसों और सेहत की चिंता तक, इन जोक्स में दोस्तों की रोजमर्रा की जिंदगी को मजेदार अंदाज में दिखाया गया है। इन्हें अपने दोस्तों के साथ साझा करें और हंसी के कुछ पल बिताएं।
पहला दोस्त - भाई, तू इतना समझदार कैसे हो गया?
दूसरा दोस्त - जिंदगी ने बहुत कुछ सिखाया है।
पहला दोस्त - ऐसा क्या हुआ जिंदगी में?
दूसरा दोस्त - एक बार मैंने अपने पापा से कहा कि मैं बड़ा होकर बहुत पैसे कमाऊंगा।
पहला दोस्त - फिर?
दूसरा दोस्त - पापा ने कहा, पहले अपना कमरा साफ कर ले, फिर दुनिया बदलना!
पहला दोस्त - सही कहा तेरे पापा ने, शुरुआत घर से ही होनी चाहिए!
पहला दोस्त - भाई, इस बार मैंने पढ़ाई का पूरा टाइमटेबल बना लिया है।
दूसरा दोस्त - वाह! कब से पढ़ाई शुरू कर रहा है?
पहला दोस्त - सोमवार से।
दूसरा दोस्त - आज तो सोमवार है!
पहला दोस्त - हां, लेकिन आज वाला सोमवार तो निकल गया। अब अगले सोमवार से पक्का!
दूसरा दोस्त - भाई, तेरी पढ़ाई से ज्यादा नियमित तो तेरे बहाने हैं!
पहला दोस्त - भाई, महीने के आखिर में मेरे पास बिल्कुल पैसे नहीं बचते।
दूसरा दोस्त - तो महीने की शुरुआत में खर्च कम किया कर।
पहला दोस्त - कोशिश तो करता हूं, लेकिन पैसे टिकते ही नहीं।
दूसरा दोस्त - अच्छा, बता महीने की शुरुआत में सबसे पहले क्या खरीदता है?
पहला दोस्त - अपने लिए डायरी, ताकि खर्च का हिसाब लिख सकूं।
दूसरा दोस्त - फिर हिसाब लिखता है?
पहला दोस्त - नहीं भाई, डायरी खरीदने के बाद पैसे ही नहीं बचते!
पहला दोस्त - भाई, मैंने तय किया है कि अब रोज सुबह दौड़ने जाऊंगा।
दूसरा दोस्त - बहुत बढ़िया! कब से?
पहला दोस्त - कल से।
दूसरा दोस्त - कल भी यही कहा था।
पहला दोस्त - भाई, सेहत सुधारने के लिए धैर्य रखना पड़ता है।
दूसरा दोस्त - लेकिन दौड़ने के लिए भी तो उठना पड़ता है!
पहला दोस्त - तू दोस्त है या मेरा अलार्म घड़ी?
दूसरा दोस्त - दोस्त हूं, इसलिए जगा रहा हूं। अलार्म होता तो अब तक बंद कर चुका होता!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)