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इस महीने तीन ग्रहों के वक्री होने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए ज्योतिष विद्वानों ने क्या किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 02 May 2020 10:22 AM IST
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Gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
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इस वर्ष मई में तीन ग्रह तो जून में चार ग्रह वक्री होंगे। ज्योतिर्विद पंडित सतीश शर्मा का कहना है कि अपनी तरह के ऐसे दुर्लभ संयोग, देश-विदेश में आपदाओं के साथ कई तरह की बीमारियों को भी लेकर आ सकते हैं। जैसे ही ये संयोग समाप्त होंगे, वैसे ही विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
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स्पेनिश फ्लू के शिकार हुए लोग। (फाइल)
- फोटो : Social media
मई में तीन ग्रहों (शनि, शुक्र, बृहस्पति) का वक्री होना, संकट को दर्शाता है। वहीं, ज्योतिषार्य कहते हैं कि यह संयोग 1918 में आई स्पेनिश फ्लू नामक महामारी जैसा दर्शा रहा है।
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ज्योतिर्विद पंडित बृजेश पांडेय।
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ज्योतिषाचार्य पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि कोरोना महामारी से बेहद तकलीफ में फंसी दुनिया के लिए यह संयोग हितकर नहीं होगा। आने वाले जून-जुलाई से ग्रहों के प्रकोप का प्रभाव निम्न स्तर पर होने का संकेत है। हालांकि मंगल ग्रह की दृष्टि से देश के लाखों करोड़ों लोगों का जीवन सुरक्षित होगा।
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ज्योतिर्विद मनीष मोहन
- फोटो : अमर उजाला।
ज्योतिर्विद मनीष मोहन ने बताया कि 14 मई के बाद दो बड़े ग्रह शनि और बृहस्पति वक्री हो रहे हैं। यह दोनों ग्रह वर्तमान में मकर राशि में स्थित हैं। मकर राशिगत बृहस्पति वक्री होने पर महामारी जनित बीमारियों में न्यूनता आएगी और वह आरोग्यता प्रदान करेगी। शनि के वक्री होने से भूकंप आ सकता है। अर्थव्यवस्था धराशायी हो सकती है। बेरोजगारी भी बढ़ सकती है।
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ज्योतिष पं. शरद चंद्र मिश्र।
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ज्योतिषाचार्य पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि 1950 से 2020 के मध्य सर्वेक्षण से अवगत होता है कि बृहस्पति और शनि 20 बार वक्री हुए हैं लेकिन कोई बड़ी आपदा नहीं आई है। हां लेकिन जरूर है कि कुछ मामूली सी उथल-पुथल हो सकती है। ग्रह एवं नक्षत्रों के अनुसार मई के बाद लोगों को धीरे-धीरे कोरोना से राहत मिलने की उम्मीद है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
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