Types Of Lehenga: गरबा और डांडिया नाइट्स का सीजन आते ही सबसे पहला सवाल होता है, इस बार पहनें क्या? बाजार और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर लहंगा, घाघरा और चनिया चोली के इतने डिजाइन नजर आते हैं कि कई बार इनके बीच अंतर समझना मुश्किल हो जाता है।
नवरात्रि फैशन: गरबा नाइट के लिए क्या खरीदें? लहंगा, घाघरा या चनिया चोली, जानिए क्या है अंतर
Difference Between Lehenga, Ghagra & Chaniya Choli: नवरात्रि में गरबा या डांडिया नाइट्स का आयोजन हो रहा है। इस दौरान खूबसूरत गरबा लुक के लिए लहंगा, घाघरा और चनिया चोली पहनते हैं लेकिन तीनों में से अंतर क्या है।
लहंगा क्या होता है?
लहंगा एक लंबी, फ्लेयर्ड स्कर्ट होती है जिसे आमतौर पर चोली और दुपट्टे के साथ पहना जाता है। आधुनिक फैशन में लहंगे के कई तरह के सिल्हूट देखने को मिलते हैं। जैसे ए-लाइन, फ्लेयर्ड, पैनल्ड और ज्यादा घेरट जैसे कई फैशन एलिमेंट्स हो सकते हैं। इसलिए अगर आप गरबा नाइट में वाले डिजाइन।
लहंगे की खासियत इसकी फिनिशिंग और डिजाइन की विविधता है। इसमें सीक्विन, जरी, मिरर वर्क, एम्ब्रॉयडरी और प्रिंट जैसे कई फैशन एलिमेंट्स हो सकते हैं। इसलिए अगर आप गरबा नाइट में ट्रेडिशनल के साथ थोड़ा ग्लैमरस लुक चाहती हैं, तो लहंगा एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
फिर घाघरा क्या है?
घाघरा भी मूल रूप से एक लंबी और घेरदार स्कर्ट है। कई जगहों पर घाघरा और लहंगा शब्द एक-दूसरे के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए इनके बीच बिल्कुल कठोर सीमा तय करना आसान नहीं है।
फर्क अक्सर क्षेत्रीय परंपरा, सिल्हूट, कपड़े और स्टाइलिंग में दिखाई देता है। पारंपरिक घाघरे में ज्यादा लोकल या एथनिक टच देखने को मिल सकता है। अगर इसे कुर्ती, चोली या पारंपरिक ब्लाउज के साथ पहना जाए तो पूरा लुक ज्यादा देसी नजर आता है।
चनिया चोली किसे कहते हैं?
अब आते हैं उस आउटफिट पर जिसका नाम गरबा और नवरात्रि के साथ सबसे ज्यादा सुनाई देता है, चनिया चोली। गुजराती परंपरा से जुड़ी चनिया चोली में आमतौर पर चनिया यानी फ्लेयर्ड स्कर्ट और चोली यानी ब्लाउज शामिल होते हैं। इसके साथ दुपट्टा या ओढ़नी भी पहनी जा सकती है।
चनिया चोली की सबसे खास पहचान इसका रंगीन और जीवंत लुक है। मिरर वर्क, कच्छी कढ़ाई, पैचवर्क, ट्रेडिशनल मोटिफ्स, टैसल्स और चमकीले रंग इसे गरबा के लिए खास बनाते हैं।
गरबा नाइट के लिए कौन सा आउटफिट चुनें?
अगर आपका फोकस पारंपरिक गुजराती गरबा लुक पर है, तो चनिया चोली सबसे स्पष्ट विकल्प हो सकता है। वहीं ज्यादा फैशनेबल और ग्लैमरस लुक चाहिए तो डिजाइनर लहंगा बेहतर लगूरत दिखना ही काफी नहीं है। कई घंटों तक डांस करने के लिए आउटफिट आरामदायक भी होना चाहिए। बहुत भारी लहंगा सकता है।
घाघरा उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो पारंपरिक और आरामदायक एथनिक लुक चाहती हैं। हालांकि गरबा में लगातार घूमने और डांस करने के कारण आउटफिट का घेर, वजन और फिटिंग जरूर जांचें।
खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
गरबा या डांडिया के लिए सिर्फ खूबसूरत दिखना ही काफी नहीं है। कई घंटों तक डांस करने के लिए आउटफिट आरामदायक भी होना चाहिए। बहुत भारी लहंगा या अत्यधिक लंबा दुपट्टा डांस के दौरान परेशानी पैदा कर सकता है।
इसलिए शॉपिंग करते समय फैब्रिक, कमर की फिटिंग, घेर, वजन, ब्लाउज की फिटिंग और दुपट्टे की लंबाई जरूर देखें। ऐसा आउटफिट चुनें जिसमें आप आसानी से घूम और डांस कर सकें।
आखिर तीनों में सबसे बड़ा फर्क क्या है?
सीधी भाषा में समझें तो लहंगा और घाघरा मुख्य रूप से स्कर्ट या निचले परिधान के नाम हैं, जबकि चनिया चोली एक पूरे पारंपरिक आउटफिट को दर्शाता है जिसमें चनिया और चोली प्रमुख हिस्से होते हैं। हालांकि भारतीय फैशन में इन शब्दों का इस्तेमाल कई बार एक-दूसरे की जगह भी किया जाता है। इसलिए अगली बार शॉपिंग पर जाएं तो सिर्फ नाम देखकर कन्फ्यूज न हों। डिजाइन, फैब्रिक, सिल्हूट और सबसे जरूरी, आपके गरबा लुक की थीम देखकर आउटफिट चुनें।