बॉलीवुड की मां के रूप में फेमस हुईं अचला सचदेव किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। 1965 की हिट फिल्म 'वक्त' में बलराज साहनी की पत्नी की भूमिका निभाने वाली अचला को आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म का गाना 'ऐ मेरी जोहराजबीं' सुनकर लोग झूम उठते हैं।
1920 में पेशावर में जन्मीं अचला ने साल 2012 में आज ही के दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज अचला की पुण्यतिथि है । हम आपको आज अचला सचदेव की निजी जिंदगी के कुछ किस्से बताते हैं । अचला ने अपने करियर में कई बड़े रोल निभाए हैं। अचला की आखिरी फिल्म 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे' थी।
इस फिल्म में अचला ने काजोल की दादी का किरदार निभाया था। अचला सचदेव ने अपने करियर में कुल 250 फिल्में की थीं। फिल्मों के साथ अचला टीवी सीरियल में भी एक्टिव रहीं। अचला ने अपने करियर की शुरुआत यश चोपड़ा की फिल्म 'दाग' से की थी।
इसके अलावा अचला फिल्म 'चांदनी', 'प्रेम पुजारी', 'मेरा नाम जोकर' और 'हरे राम हरे कृष्ण' में भी नजर आई थीं। लाखों दिलों पर राज करने वाली अचला अपने आखिरी समय में बहुत बुरी हालत में थीं। शादी के बाद वो पुणे शिफ्ट हो गई थीं। साल 2002 में उनके पति की मौत के बाद उनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं था।
उनका एक बेटा है जो यूएस में रहता है। पति की मौत के बाद वो 12 साल तक अकेली 2 बीएचके फ्लैट में रहती थीं। सिर्फ एक अटेंडेंट रात में उनके साथ रहती थी। एक रात वो पानी लेने के लिए किचन में गईं और गिर पड़ीं। इससे उनका पैर टूट गया।