{"_id":"57d51cbb4f1c1bb461318719","slug":"success-story-of-amit-kumar-das","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"250 रुपए लेकर घर से चले थे, आज बन गए 150 करोड़ की कंपनी के मालिक","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
250 रुपए लेकर घर से चले थे, आज बन गए 150 करोड़ की कंपनी के मालिक
Sun, 11 Sep 2016 02:54 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 11 Sep 2016 02:54 PM IST
विज्ञापन
1 of 10
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अमित कुमार दास जेब में 250 रुपए लेकर घर से निकले थे। सोचा था बड़े शहर में जाकर पढ़ाई करेंगे और एक मुकाम हासिल करेंगे। अपनी लगन और मेहनत से अमित ने वो कर दिखाया जो उनके मां-बाप ने कभी सोचा भी नहीं था। आज अमित साल में 150 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे अमित ने हासिल किया ये मुकाम...
250 रुपए लेकर घर से चले थे अमित, आज बन गए 150 करोड़ की कंपनी के मालिक
2 of 10
अमित का जन्म बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज कस्बे के एक किसान के घर में हुआ था। किसान परिवारों में लड़के बड़े होकर खेती-बाड़ी ही किया करते थे। अमित इस परंपरा को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे। वह हमेशा से इंजीनियर बनना चाहते थे। परिवार की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि बेटे की पढ़ाई का खर्च उठा सके। पैसे नहीं थे लेकिन जैसे-तैसे सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद पटना के एएन कॉलेज से साइंस से इंटर किया।
250 रुपए लेकर घर से चले थे अमित, आज बन गए 150 करोड़ की कंपनी के मालिक
3 of 10
परिवार पर ज्यादा बोझ ना डालते हुए अमित 250 रुपए लेकर दिल्ली आ गए। यहां आकर उन्हें अहसास हुआ कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई का खर्च वो नहीं उठा पाएंगे। ऐसे में वह पार्टटाइम ट्यूशंस लेने लगे। साथ ही, दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई शुरू कर दी। पढ़ाई के दौरान उन्हें कंप्यूटर सीखने की सूझी। इसी मकसद के साथ वो दिल्ली के एक प्राइवेट कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
250 रुपए लेकर घर से चले थे अमित, आज बन गए 150 करोड़ की कंपनी के मालिक
4 of 10
सेंटर पर रिसेप्शनिस्ट ने उनसे अंग्रेजी में सवाल पूछे लेकिन वो उसका जवाब नहीं दे पाए। रिसेप्शनिस्ट ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। वो उदास मन के साथ घर जाने लगे। एक आदमी ने उनकी उदासी देखकर कारण जानना चाहा। वजह पता चलने पर उसने अमित को इंगलिश स्पीकिंग कोर्स करने का सुझाव दिया। अमित को यह सुझाव अच्छा लगा और उन्होंने बिना देर किए तीन महीने का कोर्स ज्वॉइन कर लिया।
विज्ञापन
250 रुपए लेकर घर से चले थे अमित, आज बन गए 150 करोड़ की कंपनी के मालिक
5 of 10
इस कोर्स से अमित की इंग्लिश अच्छी हो गई थी उनमें एक नया आत्मविश्वास आ गया था। इसी के साथ अमित फिर से उसी कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में पहुंचे और इस बार उन्हें एडमिशन मिल गया। अब अमित को दिशा मिल गई थी। 6 महीने के कंप्यूटर कोर्स में उन्होंने टॉप किया। अमित की इस उपलब्धि को देखते हुए इंस्टीट्यूट ने उन्हें तीन साल के लिए प्रोग्रामर की नौकरी ऑफर की।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X