UPSC CSE 2019 Topper's Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है और क्रैक करने के लिहाज से इसे सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही उम्मीदवारों को सफलता मिलती है। यदि आप भी आईएएस अधिकारी बनने का लक्ष्य लेकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आप भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी यशनी नागराजन की सफलता की कहानी को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उन्होंने अपनी फुल टाइम नौकरी करते हुए यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम के टॉपर्स में जगह बनाई। तो आइए जानते हैं नागराजन ने कैसे पाई सफलता ...
UPSC Toppers Story: फुल टाइम नौकरी के साथ रोज चार-पांच घंटे की पढ़ाई, 57वीं रैंक पाकर ऐसे बनीं आईएएस अधिकारी
UPSC CSE 2019 Topper IAS Officer Yashni Nagarajan Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है और क्रैक करने के लिहाज से इसे सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है।
नौकरी छोड़ना विकल्प नहीं, समय प्रबंधन जरूरी
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब यशनी यूपीएससी की तैयारी कर रही थी तो वह फुल टाइम नौकरी में थी। उन्होंने वर्ष 2019 में ऑल इंडिया 57वीं रैंक हासिल करके आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा किया। हालांकि, शुरुआती तीन प्रयास में वे विफल रहीं, लेकिन उन्होंने अपने चौथे प्रयास में न केवल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की बल्कि टॉपर्स में भी जगह बनाई। साथ ही, इसके पीछे का कारण बेहतर समय प्रबंधन था। नागराजन के मुताबिक यूपीएससी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ना जरूरी नहीं है। आपको बस बेहतर समय प्रबंधन के साथ कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
यशनी नागराजन की स्कूली शिक्षा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर स्थित केंद्रीय विद्यालय, नाहरलगन से पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने 2014 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, युपिया से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक पूरा किया। उनके पिता, थंगावेल नागराजन सेवानिवृत्त पीडब्ल्यूडी इंजीनियर हैं और उनकी मां गुवाहाटी उच्च न्यायालय, ईटानगर में रजिस्ट्री शाखा से बतौर अधीक्षक सेवानिवृत्त हैं।
प्रतिदिन 04 से 05 घंटे की पढ़ाई ने बनाया सफल
साक्षात्कार के दौरान यूपीएससी के अपने सफर के बारे में बात करते हुए यशनी बताती हैं कि उन दिनों वह प्रतिदिन 04 से 05 घंटे पढ़ाई में लगा देती थी। क्योंकि फुल टाइम नौकरी के कारण समय ही कम मिल पाता था। इसके अलावा सप्ताहंत पर भी वह पूरा दिन पढ़ाई करती थीं। यशनी नागराजन के अनुसार, अगर आप नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी सिविल सेवा जैसी अहम परीक्षा की तैयारी करते हुए आपको वीकेंड भूलने होंगे और गंभीरता से पढ़ाई करनी होगी। यह निश्चित रूप से आपकी तैयारी को मजबूत करेगा। तैयारी के दौरान सही तरीके के किया गया समय प्रबंधन आपको चार-पांच घंटे पढ़ाई के लिए निकालने में मदद करेगा।
वैकल्पिक विषय का चयन रहेगा मददगार
यशनी नागराजन बताती हैं कि उन्होंने अन्य लोगों के प्रभाव में भूगोल को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। गलत विषय के कारण, वह अपने शुरुआती प्रयासों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी। बाद में, उसने इस पर ध्यान दिया और विषय बदल दिया। वह कहती हैं कि अगर आपको विषय पसंद है, तो आप इसे इंटरेस्ट लेते हुए गहराई से पढ़ेंगे। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में यही वैकल्पिक विषय बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि यह बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद करता है।
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