अभिनय की दुनिया के दिग्गज अभिनेता ओम पुरी ने शुक्रवार की सुबह अपनी आखिरी सांस ली। वह हमेशा अपनी यादगार भूमिकाओं के लिए जाने जाएंगे। अपनी अदाकारी से उन्होंने फिल्म जगत में एक अलग पहचान बनाई थी। लेकिन बेहद कम लोग यह जानते हैं कि सफलता की सीढ़ियां चढ़ने से पहले इस बेमिसाल एक्टर ने अपनी जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया था।
ओम पुरी की पत्नी नंदिता पुरी ने अपनी किताब 'अनलाइक्ली हीरो: ओम पुरी' में उनके जीवन के कई राज खोले थे। किताब के अनुसार ओम के बचपन के दिन काफी कठिन थे। ओम के पिता की हर थोड़े समय में नौकरी छोड़ देने की आदत की वजह से पूरे परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। मुश्किलों का आलम यह था कि परिवार के पास खाने के भी लाले थे।
तकलीफों का सिलसिला तब और बढ़ गया जब ओम के पिता को चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। तब दो वक्त की रोटी के जुगाड़ के लिए 7 साल के ओम चाय की दुकान पर काम करे लगे। ओम अपने भाई वेद के साथ वहां बर्तन धोते थे।
मां-बाप की माली हालत कमजोर होने के कारण उन्हें उनके ननिहाल भेज दिया गया। यहां रहकर ओम ने पढ़ाई-लिखाई की। लेकिन एक दिन ऐसा आया जब उन्हें इस घर से भी जाने को बोल दिया गया। अपना ननिहाल छोड़ने के बाद ओम अपने हेडमास्टर की शरण में गए जिन्होंने उनके रहने का बंदोबस्त कराया।
उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और कॉलेज में दाखिला भी लिया। वह दिन में लैब असिस्टेंट की नौकरी करते थे और शाम को कॉलेज जाते थे। पटियाला में रहकर उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।
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