राजस्थान के बेरी गांव के रहने वाले एक किसान दंपती ने जैविक खेती के जरिए अपनी जिंदगी ही बदल दी। सफलता ऐसी मिली कि प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने खुद उन्हें सम्मानित किया है। अब वह खुद ही नहीं, अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
नौकरी से कमाते थे तीन हजार, अब अनार की खेती कर कमाते लाखों
किसान रामकरण होमगार्ड की नौकरी करते थे जिससे केवल तीन हजार की कमाई हो रही थी। नौकरी से घर का खर्च कुछ खास नहीं चल पा रहा था। ऐसे में एक अधिकारी और पत्नी संतोष देवी की सलाह पर उन्होंने अपनी थोड़ी सी जमीन पर खेती शुरू करने का फैसला लिया।
नौकरी से कमाते थे तीन हजार, अब अनार की खेती कर कमाते लाखों
आधा हैक्टेयर भूमि पर उन्होंने सिंदूरी अनार के पौधे लगाए। जैविक खेती के लिए उन्होंने कीटनाशक खुद ही तैयार किया। गौमूत्र में नीम, आक, धतूरा और कई चीजें डालकर हर्बल कीटनाशक बनाया और उसका छिड़काव किया।
नौकरी से कमाते थे तीन हजार, अब अनार की खेती कर कमाते लाखों
अनार का पौधा फल देने में कुछ समय लगाता है। रामकरण और उनकी पत्नी ने दो-तीन साल तक पौधों की देखभाल की उसके बाद फल लगने शुरू हो गए। पहली ही फसल में अनार की अच्छी पैदावार हुई। दोनों अब अनार के जरिए सलाना 10 लाख से ऊपर कमा रहे हैं।
नौकरी से कमाते थे तीन हजार, अब अनार की खेती कर कमाते लाखों
सिंदूरी अनार, नर्सरी और अन्य फलों की खेती कर रामकरण और उनकी पत्नी अब अच्छी कमाई कर रहे हैं। जैविक खेती के जरिए उगाए जाने वाले फल व सब्जियां अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं। रामकरण और संतोष ऐसे में सभी के लिए एक मिसाल हैं कि जैविक तरीके को अपना कर भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
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