अमूमन घर में रहने वाली औरतों को कमतर आंका जाता है। उनके किए हुए काम की कोई गिनती नहीं होती। लेकिन ये गृहणियां औरों से कुछ अलग हैं क्योंकि ये घर के काम तो करती ही हैं, साथ ही साथ गरीब बच्चों का भविष्य भी बना रहीं हैं।
भारत का भविष्य बनाने में मदद कर रही हैं ये गृहणियां
घर में रहने वाली महिलाओं की छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने का काम किया है गुजरात वड़ोदरा के स्रोतोस्वनी ट्रस्ट ने। आज ये महिलाएं उनको शिक्षा दे रही हैं जिनको शिक्षा की जरुरत है लेकिन वो पैसों की कमी की वजह से शिक्षा पाने में असमर्थ हैं।
भारत का भविष्य बनाने में मदद कर रही हैं ये गृहणियां
ये शानदार पहल की है जुइन दत्ता ने। जुइन ने स्लम के बच्चों को शिक्षित करने के अपने जुनून को पूरा करने के लिये अपनी नौकरी तक को छोड़ दिया।
भारत का भविष्य बनाने में मदद कर रही हैं ये गृहणियां
फिलहाल
पाठशाला 130 बच्चों को शिक्षा दे रही है। इतना ही नहीं ये बच्चों को छात्रावास भी मुहैया कराती है।
भारत का भविष्य बनाने में मदद कर रही हैं ये गृहणियां
अपने इस काम को पूरा करने के लिए पाठशाला को बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स की जरुरत थी। और इसके लिए उन्होंने शहर की पढ़ी लिखी गृहणियों का सहारा लिया।
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