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भीख में मिली एक चीज ने बना दिया इन्हें टॉप कार्टूनिस्ट, पढ़ें इनकी सफलता की कहानी

Wed, 25 Jan 2017 03:42 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Wed, 25 Jan 2017 03:42 PM IST
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Famous Cartoonist Aabid Surti's Rags To Riches Story
चर्चित कार्टूनिस्ट और लेखक 81 वर्षीय आबिद सुरती बीते कुछ साल से लोगों के घरों में टपकते नल और पाइपलाइन निशुल्क ठीक करते हैं। आबिद सुरती ने साल 2007 में 'द ड्रॉप डेड फाउंडेशन' अभियान की शुरुआत की और तब से लोगों को पानी बचाने के लिए सचेत कर रहे हैं।
Famous Cartoonist Aabid Surti's Rags To Riches Story
सुरती बताते हैं कि उनका बचपन बेहद गरीबी में बीता और अधिकांश बचपन फुटपाथ पर गुजरा। बीबीसी के साथ फेसबुक लाइव में सुरती बताते हैं कि विभाजन के समय उनका आधा कुनबा पाकिस्तान चला गया था और उनकी माँ की जिद के कारण आधा कुनबा हिंदुस्तान में रुक गया।
Famous Cartoonist Aabid Surti's Rags To Riches Story
उन्होंने बताया, "हम सभी लोग एक खोली में रहते थे। फुटपाथ पर सोते थे। हमारी परवरिश करीब-करीब फुटपाथ पर ही हुई।" सुरती का कार्टूनों की तरफ रुझान बढ़ने की घटना भी कुछ कम मज़ेदार नहीं थी।
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Famous Cartoonist Aabid Surti's Rags To Riches Story
सुरती ने बताया, "परिवार बहुत गरीबी में था। माँ दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा करती थी और हम बच्चे लोग भीख मांगने जाया करते थे। मैं तब सात-आठ साल का रहा हूँगा।''
उन्होंने कहा, ''तब दूसरे विश्व युद्ध के फौजी मुंबई के डॉक इलाके में उतरा करते थे और फिर एक छोटी गाड़ी उन्हें छत्रपति शिवाजी टर्मिनल स्टेशन तक ले जाती थी। हम उस ट्रेन के पीछे-पीछे भागा करते थे।"
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Famous Cartoonist Aabid Surti's Rags To Riches Story
सुरती बताते हैं, "हम 6-7 बच्चों का गैंग था। हम लोग उनसे डॉलर, सैंडविच मांगा करते थे. एक बार किसी ने एक कॉमिक उछाला...सब उस पर टूट पड़े। किसी के हाथ में एक तो किसी के हाथ दो पन्ने आए। मेरे हिस्से एक पन्ना आया और वो पन्ना था मिकी माउस कॉमिक का।"
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