केरला के एक छोटे से गांव वयनड के रहने वाले पीसी मुस्तफा आज 100 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं। आईडी फ्रेश नाम से चलने वाली इस कंपनी की शुरुआत उन्होंने सिर्फ 25 हजार रुपए से की थी। मुस्तफा के पिता के एक कुली थे। जबकि उनकी मां कभी स्कूल ही नहीं गईं थीं। मुस्तफा का पढ़ाई में भी मन नहीं लगता था। इसके बाद भी उन्होंने ये मुकाम कैसे हासिल किया। आइए जानते है्...
कुली के बेटे का कमाल, छठी क्लास में फेल हुए थ्ाा अब बना 100 करोड़ का मालिक
मुस्तफा की आईडी फ्रेश नाम की कंपनी इडली और डोसे का सूखा बैटर बनाती है। ये प्रोडक्ट्स बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और दुबई तक एक्सपोर्ट किया जाता है। मुस्तफा बताते हैं कि वह छठी क्लास में फेल हो गए थे। उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता था। लेकिन जैसे-तैसे 12वीं पास कर उन्होंने पहले NIT कालीकट और फिर IIM बेंगलुरु से पढ़ाई पूरी की।
कुली के बेटे का कमाल, छठी क्लास में फेल हुए थ्ाा अब बना 100 करोड़ का मालिक
मुस्तफा ने बताया कि उनके गांव में न बिजली थी और न ही सड़क। कई किलोमीटर पैदल चलकर उन्हें स्कूल जाना पड़ता था। उनके पिता अहमद सिर्फ कक्षा चार तक ही पढ़े हैं। वो एक कॉफी मिल में कुली का काम करते थे। मुस्तफा घर में सबसे बड़े हैं। उनकी तीन छोटी बहनें हैं। छठी क्लास में फेल होने के बाद उनका स्कूल जाने का मन नहीं करता था।
कुली के बेटे का कमाल, छठी क्लास में फेल हुए थ्ाा अब बना 100 करोड़ का मालिक
मुस्तफा ने बताया कि मेरी मैथ्स अच्छी थी। उनके मैथ्स टीचर मैथ्यू ने उन पर काफी मेहनत की। इसके बाद 7वीं क्लास में वह फर्स्ट पोजीशन से पास हुए। यह देखकर सभी टीचर और उनके पैरेंट्स हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 10वीं क्लास में उन्होंने पूरे स्कूल में टॉप किया। इसके बाद वो सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए।
कुली के बेटे का कमाल, छठी क्लास में फेल हुए थ्ाा अब बना 100 करोड़ का मालिक
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद बेगलुरु में मोटोरोला कंपनी में मुस्तफा की पहली जॉब लगी। उनके अच्छे काम को देखते हुए कंपनी की तरफ से उन्हें आयरलैंड भेजा गया। 1996 में उन्हें सिटी बैंक से जॉब का ऑफर आया। इस समय उनकी सैलरी एक लाख रुपए थी।
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