सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 39वीं रैंक हासिल करने वाली अपूर्वा पांडे अल्मोड़ा में उनके सम्मान में आयोजित समारोह में भाग लेने पहुंची। उनका कहना है कि वह प्रशासनिक सेवा में रहते हुए महिला शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं में क्षमता की कमी नहीं, उन्हें अच्छी शिक्षा देनी जरूरी है।
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Civil Service Exam 2017: 39वीं रैंक हासिल करने वाली इस टॉपर बेटी के विचार जानेंगे तो करेंगे सलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Thu, 17 May 2018 07:29 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला से खास बातचीत में अल्मोड़ा की रहने वाली अपूर्वा ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षित किया जाए तो वे किसी भी क्षेत्र में नाम कमा सकती हैं। उन्होंने बेटों की तरह ही बेटियों को भी शिक्षित करने पर जोर दिया। अपूर्वा ने कहा कि वह खुद भी महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और महिला सशक्तीकरण के लिए अपने स्तर पर काम करेंगी। जीजीआईसी अल्मोड़ा के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में अपूर्वा पांडे को सम्मानित किया गया। अपूर्वा ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के मंत्र भी दिए। सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि अपूर्वा बालिकाओं के लिए एक आदर्श हैं।
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उन्होंने कहा कि तमाम कानून बन जाने के बावजूद महिला उत्पीड़न की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति सजग होना होगा। अपूर्वा का कहना है कि देशभर में रोजाना सैकड़ों लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं। ऐसे में हादसों पर नियंत्रण के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि बतौर आईएएस वह यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने भी जोर देंगी।
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- फोटो : self
उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए सभी विषयों का गहराई से अध्ययन करना होता है। कठिन परिश्रम के साथ धैर्य की भी जरूरत होती है। अपूर्वा ने इस कथन को सही ठहराया कि मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। उन्होंने एक दिन सोच लिया था कि आईएएस बनना है और अंतत: सफलता हासिल हुई। अपूर्वा ने बताया कि वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक हैं, लेकिन आईएएस में उन्होंने राजनीति विज्ञान और इंटरनेशनल रिलेशनशिप को वैकल्पिक विषय के तौर पर चुना था।
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तृप्ति और सौम्या की सफलता से भी मिली प्रेरणा
अपूर्वा ने बताया कि सिविल सेवा में अल्मोड़ा निवासी तृप्ति भट्ट और सौम्या गुरुरानी की सफलता से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली। कहा कि अल्मोड़ा उनका घर और जन्मस्थली है इसलिए यहां से उनका बचपन से ही काफी लगाव रहा है। वह समय-समय पर अल्मोड़ा आती रहती हैं। अपूर्वा का कहना है कि आईएएस में वह उत्तराखंड कैडर को प्राथमिकता देंगी। अपने राज्य में सेवा करना उन्हें अच्छा लगेगा।
अपूर्वा ने बताया कि सिविल सेवा में अल्मोड़ा निवासी तृप्ति भट्ट और सौम्या गुरुरानी की सफलता से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली। कहा कि अल्मोड़ा उनका घर और जन्मस्थली है इसलिए यहां से उनका बचपन से ही काफी लगाव रहा है। वह समय-समय पर अल्मोड़ा आती रहती हैं। अपूर्वा का कहना है कि आईएएस में वह उत्तराखंड कैडर को प्राथमिकता देंगी। अपने राज्य में सेवा करना उन्हें अच्छा लगेगा।
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