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Pics: एक दिलेर सिख, जिसने अकेले बचाई थी 65 लोगों की जान, दंग कर देगा इनका जज्बा
Sun, 17 Jun 2018 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Jun 2018 09:51 AM IST
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जसवंत सिंह गिल
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इस सिख की दिलेरी को सलाम कीजिए, जिसने बहादुरी दिखाते हुए अकेले 65 लोगों को मौत के मुंह से बचाया था, दंग रह जाएंगे इनका जज्बा देखकर। ये हैं 'द हीरो ऑफ रानीगंज' अमृतसर के इंजीनियर जसवंत सिंह गिल की, जिन्होंने अकेले जान की परवाह किए बिना 6 घंटे में 65 लोगों की जिंदगी बचाई थीं। पूरी दुनिया उनका ये कारनामा देखकर हैरान रह गई थीं।
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'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
बात 1989 की है, यह हादसा अब तक के कोयला खदानों में हुए सबसे बड़े हादसों में से एक था। वहीं, इस हादसे में दिलेरी दिखाने वाले इंजीनियर जसवंत सिंह गिल का नाम 29 साल बाद 'लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड' में दर्ज किया गया है। रिकॉर्ड में नाम दर्ज करते हुए यह बताया गया है कि आज तक दुनिया में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं हुआ, जिसने अकेले किसी कोयले की खान में फंसे इतने लोगों को बचाया हो।
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'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
13 नवंबर 1989 को रानीगंज के महाबीर खदान (पश्चिमबंगाल) में कोयले से बनी चट्टानों को ब्लास्ट कर तोड़े जाने के दौरान वाटर टेबल की दीवार में क्रैक आ गया और पानी तेजी से इन दरारों से बहने लगा। इस कारण वहां काम कर रहे 220 लोगों में से 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जो लोग लिफ्ट के पास थे, उन लोगों को जल्दी से बाहर खींच लिया गया, लेकिन वहां 65 लोग फंसे रह गए थे।
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'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
इस हादसे के वक्त जसवंत सिंह गिल बतौर एडिशनल चीफ मायनिंग इंजीनियर वहां पोस्टेड थे। जब जसवंत को इस हादसे की खबर लगी तो उन्होंने अपनी जान की फिक्र किए बिना तुरंत उस पानी से भरी खदान में जाने का फैसला किया। गिल ने सबसे पहले वहां मौजूद अफसरों की मदद से पानी को पम्प के जरिए बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन ये तरीका कारगर नहीं रहा।
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'द हीरो ऑफ रानीगंज' जसवंत सिंह गिल
इसके बाद उन्होंने वहां कई बोर खोदे, जिससे खदान में फंसे मजदूरों तक जिंदा रहने खाना-पीना पहुंचाया जा सके। तब उन्होंने एक 2.5 मीटर का लंबा स्टील का एक कैप्सूल बनाया और उसे एक बोर के जरिए खदान में उतारा। जसवंत राहत और बचाव की ट्रेनिंग ले चुके थे। इसलिए वे उस माइन में उतरे। कई लोगों ने और सरकार ने इस बात का विरोध भी किया, लेकिन जसवंत ने किसी की बात मानते हुए रेस्क्यू जारी रखा।
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