भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को इन दिनों लोग अपने चंदा मामा से जुड़ी कहानियां सुना रहे हैं। बच्चे हों या बड़े, हर कोई चांद से जुड़ी अपनी-अपनी यादें इसरो के साथ शेयर कर रहा है। लेकिन सवाल है, क्यों? इसरो तो वैज्ञानिक तौर पर काम करता है। फिर लोग उसे कहानियां क्यों सुना रहे हैं? इसकी वजह भी बड़ी मजेदार है और आपके काम की भी। क्योंकि कारण जानने के बाद हो सकता है आप भी उसे चांद से जुड़ी अपनी यादें बताने लगें।
इसरो को चंदा मामा की कहानियां सुना रहे हैं लोग, बड़ी मजेदार है इसकी वजह
दरअसल, इसरो ने ट्वीट के जरिए लोगों से एक सवाल पूछा है। अपने ट्विटर हैंडल पर इसरो ने लिखा है कि 'किसी का भी बचपन चांद की कहानियों के बिना पूरा नहीं होता। चांद से जुड़ी आपके बचपन की भी यादें होंगी। तो आप अपने बचपन की पसंदीदा चांद से जुड़ी याद हमें बताएं और इसरो के सोशल प्लेटफॉर्म्स पर अपना नाम बनाने का मौका पाएं।'
इसरो को कैसे बताएं अपनी कहानियां / यादें
इसरो ने एक अगस्त की शाम करीब 5.20 बजे ये ट्वीट किया है। तब से इसे हजारों बार रीट्वीट किया जा चुका है। इसरो के इस ट्वीट पर भी हजारों लोग कमेंट बॉक्स में जाकर अपनी कहानियां / यादें बता रहे हैं। आप भी ऐसा कर सकते हैं। अपनी कहानी / याद शेयर करते समय यहां बताए गए हैशटैग्स भी दें- #ChildhoodMemories #MoonMemoriesMagic #Chandrayaan2 #ISRO
जानें, कैसी यादें शेयर कर रहे हैं लोग
वेद प्रकाश तिवारी नाम के एक यूजर ने लिखा, 'बिजली कट जाने पर रात में पुलिस लाइन ग्राउंड में खेलते रहते थे चांद की रोशनी वाली उजाली रात में। तब तक जब तक पिटाई की नौबत न आ जाए या बिजली वापस न आ जाए। कई बार तो बिजली आ जाना ही बहुत बुरा लगता था।'
ये भी पढ़ें : क्या है खाने को धर्म बताने वाले Zomato का पुराना नाम, ऐसी है इसके मालिक की कहानी
एक और यूजर हर्ष रंजन ने बताया, 'चांद को लेकर मेरी बचपन की याद- मुझे हमेशा लगता था कि ये चांद मेरा पीछा क्यों कर रहा है?'
दूसरे यूजर को उनके बचपन में चांद में कोई बड़ा सा खरगोश बैठा नजर आता था।
ये भी पढ़ें : एक आसान सवाल जिसमें उलझ गए हैं लाखों लोग, क्या आपको पता है इसका जवाब
कमेंट
कमेंट X