Indian Army Day 2020: आज 15 जनवरी को पूरा देश 72वां सेना दिवस मना रहा है। आजादी के बाद से हर साल ये दिन मनाया जाता रहा है। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल आता होगा कि हम 15 जनवरी को ही भारतीय सेना दिवस क्यों मनाते हैं? इसका जवाब हम आपको बता रहे हैं। दरअसल साल 1949 में आज ही के दिन भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर के स्थान पर तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल के एम करियप्पा भारतीय सेना के कमांडर इन चीफ बने थे। इसी उपलक्ष्य में इस दिन को सेना दिवस घोषित किया गया।
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Army Day 2020: जानें 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है सेना दिवस, किसे दी जाती है सलामी
Wed, 15 Jan 2020 12:16 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 15 Jan 2020 12:16 PM IST
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भारतीय सेना दिवस
- सेना दिवस के मौके पर सेना के कई दस्ते और रेजिमेंट परेड में हिस्सा लेते हैं। इसके साथ कई झांकियां भी निकाली जाती हैं। सेना दिवस को हर बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
केएम करियप्पा
- केएम करियप्पा पहले ऐसे अधिकारी थे, जिन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि दी गई थी। उन्होंने साल 1947 में भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था।
- जनरल करिअप्पा को 28 अप्रैल, 1986 को फील्ड मार्शल का रैंक प्रदान किया गया था।
- दूसरे विश्व युद्ध में बर्मा में जापानियों को शिकस्त देने के लिए उन्हें ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर का प्रतिष्ठित तमगा दिया गया था।
- करिअप्पा साल 1953 में रिटायर हुए थे और 1993 में 94 साल की आयु में उनका निधन हुआ।
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- भारतीय थल सेना की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी की सैन्य टुकड़ी के रुप में हुई थी। बाद में यह ब्रिटिश भारतीय सेना बनी और फिर भारतीय थल सेना के नाम दिया गया।
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- पिछले साल सेना दिवस के मौके पर परेड का नेतृत्व नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया। लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी ने सेना की परेड का नेतृत्व किया था। सेना दिवस के मौके पर सेना प्रमुख को सलामी दी जाती है। लेकिन इस साल पहली बार सेना प्रमुख के स्थान पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत को सलामी दी गई है।
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