केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सुप्रीम कोर्ट से 12वीं कक्षा के लिए मूल्यांकन नीति की समीक्षा नहीं करने का आग्रह किया है, क्योंकि अब मूल्यांकन नीति में बदलाव से 12वीं के सभी छात्रों के परिणाम संशोधित होंगे। सीबीएसई ने मूल्यांकन नीति से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अपनी ओर से पेश जवाबी हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ताओं ने मूल्यांकन नीति को गलत तरीके से पढ़ा है।
CBSE Exam Case: सीबीएसई का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा, कहा- कक्षा 12वीं की मूल्यांकन नीति की समीक्षा न करें
CBSE Evaluation Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सुप्रीम कोर्ट से 12वीं कक्षा के लिए मूल्यांकन नीति की समीक्षा नहीं करने का आग्रह किया है, क्योंकि अब मूल्यांकन नीति में बदलाव से 12वीं के सभी छात्रों के परिणाम संशोधित होंगे।
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स्कूल के खराब प्रदर्शन का नुकसान छात्र क्यों झेलें?
अपने स्कूलों के पिछले खराब प्रदर्शन के कारण अपने स्कोर से व्यथित छात्रों द्वारा दायर याचिकाओं में छात्रों ने शिकायत की है कि उनके स्कूल अदालत द्वारा अनुमोदित 30:30:40 फॉर्मूले के अनुसार अपने परिणामों का आकलन करने में विफल रहे हैं और सीबीएसई ने उनकी शिकायत का पर्याप्त समाधान नहीं किया है। याचिकाओं में मांग की गई है कि मूल्यांकन नीति के तहत अंतिम अंक प्रदान करते समय स्कूल के पिछले खराब प्रदर्शन को नहीं गिना जाना चाहिए।
अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया गया
वहीं, इसके जवाब में सीबीएसई ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से मूल्यांकन मानदंडों पर दोबारा गौर नहीं करने का आग्रह करते हुए यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत चार्ट मूल्यांकन नीति के गलत पढ़ने पर आधारित था, क्योंकि यह छात्रों के वास्तविक प्रदर्शन पर विचार करता था, न कि स्कूल के पिछले प्रदर्शन पर। सीबीएसई ने कहा कि सुधार परीक्षा देने का विकल्प उन छात्रों के लिए उपलब्ध था, जो मूल्यांकन नीति से असंतुष्ट थे, लेकिन याचिका दायर करने वाले इन छात्रों ने वह विकल्प नहीं लिया, इसलिए वे अब यह दावा नहीं कर सकते कि उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया था।
विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी
सीबीएसई ने अपने हलफनामे में कहा- याचिकाकर्ताओं के अनुरोध को स्वीकार करने का मतलब न केवल मूल्यांकन नीति से विचलित होना होगा, जिसे देश भर में अच्छी तरह से स्वीकार किया गया है, बल्कि उन सभी छात्रों के परिणामों को संशोधित करना भी होगा, जो पहले से ही तय हो चुके हैं और इसके आधार पर हैं। जिनके तहत लगभग सभी विश्वविद्यालयों ने अपनी प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है।
परीक्षाएं हुईं थीं रद्द
इस साल कक्षा-12वीं की परीक्षाएं कोविड-19 के कारण रद्द कर दी गईं और एक वैकल्पिक मूल्यांकन नीति तैयार की गई थी। इसने छात्रों का मूल्यांकन क्रमशः 30:30:40 के अनुपात में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया गया था। दिए गए कुल अंक 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल के पिछले प्रदर्शन के अनुरूप होने चाहिए।
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