कहते हैं हर क्षण का अपना एक इतिहास होता है। इस दुनिया में प्रत्येक दिन और प्रत्येक पल कुछ ऐसी अच्छी और बुरी घटनाएं घटित होती हैं, जिनका भूतकाल और भविष्य से गहरा नाता बन जाता है। कुछ घटनाएं और प्रसंग ऐसे रहते हैं जो अनंतकाल तक के लिए प्रभाव छोड़ जाते हैं। इनमें किसी महान शख्सियतों के जन्म से लेकर निधन तक की जीवन यात्रा के अहम पड़ाव, कुछ अहम उपलब्धियां, दर्दनाक घटना प्रसंग आदि प्रमुख तौर पर ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। हम ऐसे कुछ प्रसंग और शख्सियतों के बारे में यहां बताने जा रहे हैं जिनके बारे में जानना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं क्यों खास है इतिहास में पांच मई का दिन ...
इतिहास के पन्नों में : जानिए क्यों खास है पांच मई का दिन, इन महान हस्तियों से है नाता
हम ऐसे कुछ प्रसंग और शख्सियतों के बारे में यहां बताने जा रहे हैं जिनके बारे में जानना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं क्यों खास है इतिहास में पांच मई का दिन ...
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इतिहास के पन्नों में पांच मई का दिन बेहद खास है। पांच मई के दिन से यूरोप में फ्रांस के महान सेनापति नेपोलियन बोनापार्ट, जर्मन के महान अर्थशास्त्री एवं दार्शनिक विचारक कार्ल मार्क्स, बॉलीवुड के महान संगीत निर्देशक नौशाद अली और भारतीय भक्ति संगीत को नए आयाम देने वाले गुलशन कुमार आदि का करीबी जुड़ाव रहा है। इसके अलावा इसी दिन सिखों के तीसरे गुरु अमरदासजी का जन्म हुआ था। इतना ही नहीं इस तारीख के नाम कई और उपलब्धियां भी दर्ज हैं। आइए जानते हैं ...
नेपोलियन बोनापार्ट का निधन
यूरोप में पांच मई, 1821 को फ्रांस के सम्राट, महान सेनापति नेपोलियन बोनापार्ट का निधन हुआ था। 15 अगस्त 1769 में फ्रांस के अजाचियो शहर में जन्म लेने वाले नेपोलियन असधारण प्रतिभा के धनी थे। पेरिस के फौजी स्कूल से शिक्षा प्राप्त कर नेपोलियन सेना में भर्ती हुए और अपनी असीम वीरता, साहस के बलबूते सेनापति बने। इतिहास में नेपोलियन विश्व के सबसे महान सेनापतियों और विजेताओं में गिना जाता है। उन्होंने फ्रांस में एक नई विधि संहिता लागू की जिसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है। 1804 में नेपोलियन बोनापार्ट ने खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित किया था। वह यूरोप के अन्य कई क्षेत्रों का भी शासक था। उन्होंने 60 युद्धों में भाग लिया जिसमें से केवल सात में हार का सामना किया।
मार्क्सवाद के प्रणेता कार्ल मार्क्स का जन्म
मार्क्सवादी विचारधारा और दर्शन के जनक थे कार्ल मार्क्स का जन्म पांच मई, 1918 में हुआ था। कार्ल हेनरिख मार्क्स को महान विचारक, इतिहासकार और जाने माने जर्मन अर्थशास्त्री माना जाता है। कार्ल मार्क्स की साम्यवादी विचारधारा ही मार्क्सवादी विचारधारा के नाम से जानी जाती है। मार्क्स ने ही दुनिया के मजदूरों एकजुट हो जाओ का नारा दिया था। मार्क्स की प्रसिद्ध पुस्तक ‘दास कपिटल’ (पूंजी) है। कार्ल मार्क्स ने 1848 में द कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो की रचना की थी। आधुनिक समाजवाद के जनक कार्ल मार्क्स ने 14 मार्च, 1883 में लंदन में अंतिम सांस ली थी। मार्क्स की मौत के बाद 1917 में रूसी क्रांति हुई। इसके बाद कई देश मार्क्स के विचारों से प्रभावित हुए कम्युनिस्ट विचारधारा को अपनाते चले गए।
गुलशन कुमार की जयंती
पांच मई को टी-सीरीज म्यूजिक कंपनी के संस्थापक गुलशन कुमार की जयंती भी है। गुलशन 5 मई 1956 को दिल्ली के पंजाबी परिवार पैदा हुए थे। उन्होंने भारतीय भक्ति संगीत को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। फिल्म निर्माता गुलशन कुमार का नाम फिल्मी दुनिया की उन हस्तियों में शुमार हैं, जिन्होंने काफी कम समय में ही शोहरत की बुलंदियों को हासिल किया। एक कैसेट बेचने वाले से लेकर 90 के दशक में बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री के शीर्ष मुकाम तक पहुंचने वाले गुलशन कुमार की 12 अगस्त 1997 की सुबह अंडरवर्ल्ड के लोगों ने सरेआम हत्या कर दी थी।
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