फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जिनके पास हैं कार, उनके लिए यह खबर है खास, ये सावधानियां जरुर बरतें

Thu, 27 Dec 2018 10:52 AM IST
Harendra Chaudhary प्रद्युम्न उपाध्याय, अमर उजाला, गाजियाबाद
प्रद्युम्न उपाध्याय, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 27 Dec 2018 10:52 AM IST
विज्ञापन
More than 25 car accidents in Ghaziabad in 2018
नोएडा में कार में जिंदा जले इंजीनियर की मौत चौंकाने वाली है। गाजियाबाद में ही 2018 में दो दर्जन से अधिक कारों के जलने की घटनाएं हुईं। एक मामले में तो व्यक्ति की जान चली गई। नियमित मेंटेनेंस नहीं होना, रेडिएटर में पानी की कमी, शॉर्ट सर्किग सहित इनफ्लेमेबल वस्तुएं कार में आग लगने का प्रमुख कारण हैं।
More than 25 car accidents in Ghaziabad in 2018
modified car interior
कार में ज्वलनशीन स्प्रे और आर्टिफिशियल वस्तुएं नहीं रखें
आरकेजीआईटी में मैकेनिकल विभाग के प्रो. रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कार में परफ्यूज सहित ज्वलनशील स्प्रे के साथ आर्टिफिशियल वस्तुएं कम से कम होनी चाहिये। कार में पहले से ही अधिकांश सामान ज्वलनशील कैटेगरी का होता है। 
आग लगने की दशा में ज्वलनशील वस्तुएं होने से आग तेजी से फैलती है। कार सीएनजी हो या फिर पेट्रोल-डीजल की, स्कोकिंग बिल्कुल न करें। कार में विंडो ब्रेकिंग टूल के साथ आग बुझाने का छोटा सिलेंडर होना चाहिए।
 
More than 25 car accidents in Ghaziabad in 2018
3 साल में हाइड्रो सिलेंडर टेस्ट व कम से कम हों असेसरीज
न्यू एसपी मॉटर्स के सुबोध कुमार गोला बताते हैं कि सीएनजी फिटेड कार में एक्स्ट्रा एम्पीफायर, हॉर्न सहित कम से कम असेसरीज होनी चाहिए। किट ऑथराइज्ड होने के साथ उसका हर तीन साल में हाइड्रो सिलेंडर टेस्ट जरूरी है। कार की वायरिंग की नियमित जांच जरूरी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
More than 25 car accidents in Ghaziabad in 2018
शॉर्ट सर्किट व टक्कर लगने से सेंसर बंद कर देते हैं काम
हाइटेक इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक  ब्रांच के एचओडी डॉ. विवेक चोपड़ा ने बताया कि आग में आग लगने, टक्कर लगने पर या फिर किसी दशा में शॉर्ट सर्किट होने पर काम में सेंसर काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में सेंट्रलाइज्ड लॉकिंग वाली कार ऑटोमेटिक लॉक हो जाती हैं। कार में धुंए से मोनोऑक्साइड गैस या फिर हीटर पर कार्बन डाई ऑक्साइड गैस से आदमी बेहोश हो सकता है। ऐसे में विंडो ब्रेकिंग टूल व आग बुझाने के उपकरण जरूरी हैं।
विज्ञापन
More than 25 car accidents in Ghaziabad in 2018
कार में आग लगने के प्रमुख कारण एक नजर में
- सीएनजी व एलपीजी किट की खराब या फिर काफी पुरानी होना
- लंबे वक्त से काम की सर्विस नहीं कराना, इससे तकनीकी दिक्कत होना
- रेडिएटर में पानी की कमी के चलते इंजन का गर्म हो जाना
- वाहन चलाते वक्त गैस खत्म होने पर पेट्रोल पर कनवर्ट करने पर
- सीएनजी वाहनों के अंदर धूम्रपान व ज्वलनशील सामान रखा होना
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed