जेएनयू में एक बार फिर छात्र धरने पर हैं। यूजीसी नोटिफिकेशन-2016 के खिलाफ दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
यूजीसी नोटिफिकेशन-2016 के खिलाफ JNU में धरने पर उतरे छात्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूजीसी नोटिफिकेशन-2016 को रद्द करने और नए नियम में एमफिल व पीएचडी में कितनी सीटें कम होंगी, इसकी जानकारी मांगने पर हंगामा होता रहा। इस बात को लेकर दर्जनों छात्र ऐड ब्लॉक के अंदर कुलपति रूम के बाहर धरने पर बैठे गए। उधर, 20 स्कूल सेंटरों की सीनियर फैकल्टी ने भी विश्वविद्यालय से सीटों पर जानकारी स्पष्ट करने की मांग रखी। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे के मुताबिक, छात्रसंघ विश्वविद्यालय प्रबंधन के फैसले और स्थिति स्पष्ट करने का इंतजार कर रहा था।
कुलपति कार्यालय में सीनियर फैकल्टी की बैठक थी। यह सूचना मिलते ही छात्र ऐड ब्लॉक के नीचे एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में नए नियम के तहत सीटें कम होंगी या नहीं, इसकी जानकारी लेने पहुंच गए। इसी बीच सीनियर फैकल्टी चली गईं, तो छात्रों ने विश्वविद्यालय से जानकारी मांगनी चाही, लेकिन जवाब नहीं मिला।
छात्रसंघ का आरोप है कि छात्रों ने जब जानकारी मांगनी चाही, तो कुलपति, रिएक्टर एक और रिएक्टर दो अपने कार्यालय से बिना कुछ जवाब दिए निकल गए। छात्रों ने दाखिला कमेटी के डायरेक्टर प्रो. मिलाप पूनिया से जानकारी मांगनी चाही, लेकिन वे सवालों पर संतुष्ट जवाब नहीं दे सके। इन आरोपों व हंगामे पर जब विश्वविद्यालय प्रबंधन से उनका पक्ष जानना चाहा, तो नो कमेंट का जवाब दिया गया।
ऐड ब्लॉक के अंदर कुलपति रूम के बाहर धरने पर बैठे दर्जनों छात्रों का कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रबंधन उनके सवालों का जवाब नहीं देगा, वे विरोध धरने से नहीं उठेंगे। विश्वविद्यालय से सीटें कम होंगी या नहीं, हम सिर्फ इस पर स्पष्ट स्थिति जानना चाहते हैं। बता दें कि इससे पहले छात्रसंघ अध्यक्ष समेत पांच सदस्य पिछले 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।