उत्तराखंड के मोटे अनाज मंडुवा, झंगोरा, लाल चावल, दाल समेत अन्य अनाजों को प्रोत्साहित करने के लिए विधानसभा परिसर में अन्न भोज का आयोजन किया गया। इसमें माननीयों समेत अधिकारियों व कर्मचारियों ने मांगल गीतों के बीच पहाड़ी व्यंजनों का आनंद लिया।
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बृहस्पतिवार को बजट सत्र के चौथे दिन कृषि विभाग की ओर से भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में अन्न भोज में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सतपाल महाराज, सौरभ बहुगुणा समेत सभी विधायकों ने पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ लिया। इसमें मंडुवे की रोटी, अरसा, झंगोरे की खीर, गहत का फानू, लाल चावल, आलू के गुटके परोसे गए।
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भराड़ीसैंण विधानसभा में अन्न भाज कार्यक्रम में महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोटे अनाजों के प्रचार प्रसार के लिए अन्न भोज की सराहना की। कहा कि राज्य में उत्पादित होने वाला पारंपरिक मोटे अनाज पौष्टिक गुणों का स्रोत है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
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भराड़ीसैंण विधानसभा में अन्न भोज कार्यक्रम में खाना बनाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य के मोटे अनाज मंडुवा को खरीदने की अनुमति दी है।
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भराड़ीसैंण विधानसभा में अन्न भोज कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
मंडुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3578 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस भोज का उद्देश्य मोटे अनाज के पौष्टिक गुणों का प्रचार प्रसार करने के साथ पहाड़ी व्यंजनों के सेवन को बढ़ावा देना है।
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भराड़ीसैंण विधानसभा में अन्न भोज कार्यक्रम में खाना बनाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही सीएम धामी ने उत्तराखंड का लोक पर्व फूलदेई भी मनाया। इस अवसर पर उन्होंने भराड़ीसैंण स्थित मुख्यमंत्री आवास में क्षेत्र के बच्चों के साथ पारंपरिक मांगल गीतों के बीच रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्पों की वर्षा कर की।