जोशीमठ में भू-धंसाव ने भगवान बदरी विशाल के खजाने को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। यदि स्थिति और बिगड़ती है तो बदरीनाथ धाम का खजाना पीपलकोटी में मंदिर समिति के निरीक्षण भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने यहां निरीक्षण कर यह बात कही। कहा कि जरूरत पड़ने पर यहां स्थित निरीक्षण भवन के हॉल को स्ट्रांग रूम बनाया जाएगा। उन्होंने मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ खजाने की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की।
चारधाम यात्रा संपन्न होते ही बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के हेड ऑफिस के साथ ही बदरीनाथ धाम का करोड़ों का खजाना भी जोशीमठ शिफ्ट कर दिया जाता है।
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बदरीनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
मौजूदा समय में बदरीनाथ के खजाने में करोड़ों की नकदी के अलावा 30 क्विंटल चांदी, 45 किलो से अधिक सोना व जेवरात शामिल हैं। जोशीमठ में भू-धंसाव से स्थिति बिगड़ती जा रही है जिसे देखते हुए खजाने को पीपलकोटी शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।
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जोशीमठ
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि अभी नृसिंह मंदिर व मंदिर समिति के कार्यालय को कोई खतरा नहीं है लेकिन भविष्य में खतरे से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।
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जोशीमठ शंकराचार्य आश्रम
- फोटो : अमर उजाला
इसे देखते हुए पीपलकोटी में मंदिर समिति के निरीक्षण भवन का जायजा लिया गया। यहां बदरीनाथ के खजाने को रखने की योजना है। बता दें कि अब तक शहर के 849 भवनों में दरारें आ चुकी हैं।
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जोशीमठ भू-धंसाव
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अभी तक राज्य सरकार की ओर से प्रति परिवार विस्थापन के लिए अग्रिम रूप से 466 प्रभावित परिवारों को तीन करोड़ एक लाख रुपये की धनराशि वितरित कर दी गई है।