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ये हैं चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास की 5 धमाकेदार पारियां
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Mon, 29 May 2017 04:20 PM IST
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चैंपियंस ट्रॉफी
- फोटो : GETTY
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इंग्लैंड में 1 जून से मिनी विश्वकप के नाम से विख्यात चैंपियंस ट्रॉफी के आठवें संस्करण का आगाज होने जा रहा है। 1998 में नॉकऑउट फॉर्मेट में शुरू हुई इस प्रतियोगिता में 19 साल में बहुत कुछ बदला। पहले 2 साल में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता का ऑयोजन 4 साल में होने लगा। लेकिन यहां कुछ खिलाड़ियों ने बल्ले का ऐसा जादू चलाया जिसकी चमक आज तक फीकी नहीं पड़ी। आईए चैंपियंस ट्रॉफी की ऐसी पांच धमाकेदार पारियों पर नजर डालते हैं।
ये हैं चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास की 5 धमाकेदार पारियां
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : GETTY
सचिन तेंदुलकर, भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, 28 अक्टूबर 1998, ढाका
48 घंटे पहले पाकिस्तान को तीन टेस्ट मैच की सीरीज में 1-0 से मात देकर ढाका पहुंची ऑस्ट्रिलाई टीम को इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के उद्धाटन मैच में सचिन तेंदुलकर नाम का तूफान उनकी पूरी टीम को उड़ा ले जाएगा। स्टीव वॉ के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार शुरुआत करते हुए 8 रन पर टीम इंडिया के दो बल्लेबाजों को पवेलियन वापस भेज दिया था। लेकिन कंगारू गेंदबाजों के पास सचिन तेंदुलकर का कोई तोड़ नहीं था। ढाका के बंग बंधु नेशनल स्टेडियम में भारतीय ओपनर ने 128 गेंदों में शानदार 141 रन बनाए। करियर के 19वें वनडे शतक में सचिन ने 13 चौके और 4 छक्के जड़े थे। सचिन ने अजय जडेजा(71) और राहुल द्रविड़(48) के साथ शतकीय साझेदारी निभाते हुए टीम इंडिया को 8 विकेट पर 307 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया। सचिन का जादू यहीं खत्म नहीं हुआ। इंटरवल के बाद सचिन की फिरकी का जादू ऐसा चला कि कंगारू ढेर हो गए। उनकी ऑफ और लेग ब्रेक गेंदबाजी के फेर में 4 कंगारू बल्लेबाज फंस गए। सचिन ने 38 रन पर चार विकेट लिए। ऑस्ट्रेलियाई टीम 263 रन पर ऑल आउट हो गई और टीम इंडिया को 44 रन से जीत हासिल हुई।
48 घंटे पहले पाकिस्तान को तीन टेस्ट मैच की सीरीज में 1-0 से मात देकर ढाका पहुंची ऑस्ट्रिलाई टीम को इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के उद्धाटन मैच में सचिन तेंदुलकर नाम का तूफान उनकी पूरी टीम को उड़ा ले जाएगा। स्टीव वॉ के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार शुरुआत करते हुए 8 रन पर टीम इंडिया के दो बल्लेबाजों को पवेलियन वापस भेज दिया था। लेकिन कंगारू गेंदबाजों के पास सचिन तेंदुलकर का कोई तोड़ नहीं था। ढाका के बंग बंधु नेशनल स्टेडियम में भारतीय ओपनर ने 128 गेंदों में शानदार 141 रन बनाए। करियर के 19वें वनडे शतक में सचिन ने 13 चौके और 4 छक्के जड़े थे। सचिन ने अजय जडेजा(71) और राहुल द्रविड़(48) के साथ शतकीय साझेदारी निभाते हुए टीम इंडिया को 8 विकेट पर 307 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया। सचिन का जादू यहीं खत्म नहीं हुआ। इंटरवल के बाद सचिन की फिरकी का जादू ऐसा चला कि कंगारू ढेर हो गए। उनकी ऑफ और लेग ब्रेक गेंदबाजी के फेर में 4 कंगारू बल्लेबाज फंस गए। सचिन ने 38 रन पर चार विकेट लिए। ऑस्ट्रेलियाई टीम 263 रन पर ऑल आउट हो गई और टीम इंडिया को 44 रन से जीत हासिल हुई।
ये हैं चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास की 5 धमाकेदार पारियां
जैक कैलिस
जैक कैलिस, दक्षिण अफ्रीका बनाम श्रीलंका, 30 अक्टूबर 1998 ढाका
सचिन की धमाकेदार पारी के दो दिन बाद दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज जैक कैलिस ने श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में अपने बल्ले का जादू दिखाया। वर्षा बाधित इस मैच में कैलिस ने 5 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 107 गेंदों में नाबाद 113 रन बनाए। अपनी इस ताबड़तोड़ पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका 39 ओवर में 7 विकेट पर 240 रन बनाने में सफल रही। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम महज 132 रन पर ढेर हो गई।
सचिन की धमाकेदार पारी के दो दिन बाद दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज जैक कैलिस ने श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में अपने बल्ले का जादू दिखाया। वर्षा बाधित इस मैच में कैलिस ने 5 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 107 गेंदों में नाबाद 113 रन बनाए। अपनी इस ताबड़तोड़ पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका 39 ओवर में 7 विकेट पर 240 रन बनाने में सफल रही। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम महज 132 रन पर ढेर हो गई।
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ये हैं चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास की 5 धमाकेदार पारियां
एंडी फ्लावर
एंडी फ्लावर, जिबाब्वे बनाम भारत, 14 सितंबर 2002, कोलंबो
श्रीलंका में आयोजित तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के खिलाफ जिंबाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज एंडी फ्लावर ने भारत के स्कोर 288/6 का पीछा करते हुए कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में शानदार पारी खेली। एंडी ने 164 गेंद में 145 रन की पारी में 13 चौके जड़े। हालांकि उनकी टीम को 14 रन से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले राहुल द्रविड़(71) और मोहम्मद कैफ (111) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 288 रन बना सकी थी। एक समय भारतीय टीम ने 87 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। जवाब में उतरी जिंबाब्वे का एक छोर एंडी थामे रहे दूसरे छोर पर उन्हें किसी खिलाड़ी से साथ नहीं मिला।
श्रीलंका में आयोजित तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के खिलाफ जिंबाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज एंडी फ्लावर ने भारत के स्कोर 288/6 का पीछा करते हुए कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में शानदार पारी खेली। एंडी ने 164 गेंद में 145 रन की पारी में 13 चौके जड़े। हालांकि उनकी टीम को 14 रन से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले राहुल द्रविड़(71) और मोहम्मद कैफ (111) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत 288 रन बना सकी थी। एक समय भारतीय टीम ने 87 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। जवाब में उतरी जिंबाब्वे का एक छोर एंडी थामे रहे दूसरे छोर पर उन्हें किसी खिलाड़ी से साथ नहीं मिला।
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ये हैं चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास की 5 धमाकेदार पारियां
शेन वाटसन
शेन वाटसन, ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, 2 अक्टूबर 2009, सेंचुरियन 2009
साल 2009 में दक्षिण अफ्रीका में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरियन में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैड को 257 रन पर ढेर कर दिया। इसमें दो विकेट शेन वाटसन ने भी हासिल किए। इसके बाद बल्लेबाजी में वाटसन ने 132 गेंदों में 136 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और सात छक्के जड़े। उनकी इस धमाकेदार पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 8 ओवर रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। वाटसन ने रिकी पॉन्टिंग के साथ दूसरे विकेट के लिए 242 रन जोड़े। वाटसन का बल्ला यहीं नहीं रुका। इसके बाद खेले गए फाइनल मुकाबले में वाटसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 105 रन की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को लगतार दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी चैंपियन बना दिया। मैच के बाद शेन वाटसन ने आईसीसी के ब्लॉग में लिखा मुझे पहली बार महसूस हुआ कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहा हूं। खासकर पिछले दो मैचों ने मुझे अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडर के रूप में स्थापित कर दिया है।
साल 2009 में दक्षिण अफ्रीका में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड के खिलाफ सेंचुरियन में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैड को 257 रन पर ढेर कर दिया। इसमें दो विकेट शेन वाटसन ने भी हासिल किए। इसके बाद बल्लेबाजी में वाटसन ने 132 गेंदों में 136 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और सात छक्के जड़े। उनकी इस धमाकेदार पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 8 ओवर रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। वाटसन ने रिकी पॉन्टिंग के साथ दूसरे विकेट के लिए 242 रन जोड़े। वाटसन का बल्ला यहीं नहीं रुका। इसके बाद खेले गए फाइनल मुकाबले में वाटसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 105 रन की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को लगतार दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी चैंपियन बना दिया। मैच के बाद शेन वाटसन ने आईसीसी के ब्लॉग में लिखा मुझे पहली बार महसूस हुआ कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहा हूं। खासकर पिछले दो मैचों ने मुझे अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडर के रूप में स्थापित कर दिया है।